तमिलनाडु में सहकारी क्षेत्र के लिए की गई 39 पहल की घोषणा

तमिलनाडु में सहकारी क्षेत्र के लिए की गई 39 पहल की घोषणा

तमिलनाडु में सहकारी क्षेत्र के लिए की गई 39 पहल की घोषणा
Modified Date: August 20, 2026 / 07:47 pm IST
Published Date: August 20, 2026 7:47 pm IST

चेन्नई, 20 अगस्त (भाषा) तमिलनाडु के सहकारिता मंत्री वी. गांधीराज ने महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और सहकारी क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए 39 पहल की बृहस्पतिवार को घोषणा की।

इनमें ‘सिंगापेंगल उद्यमिता ऋण योजना’ के लिए 7,015 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है।

मंत्री ने अनुदान मांग पेश करते हुए विधानसभा में कहा कि सिंगापेंगल उद्यमिता ऋण योजना को सहकारी समितियों के माध्यम से लागू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों को सहायता देने के मकसद से सरकार ने प्राथमिकता वाले क्षेत्र के ग्रामीण कारोबार के लिए 5,000 करोड़ रुपये का ऋण का प्रावधान किया है। इन ऋण पर ब्याज दर नौ प्रतिशत होगी।

उपज गिरवी ऋण के लिए आवंटन बढ़ाकर 300 करोड़ रुपये किया गया है।

गांधीराज ने कहा कि सरकार ने 50 करोड़ रुपये के दीर्घकालिक कृषि ऋण को फिर से शुरू किया है। साथ ही, महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि अपशिष्ट से वर्मी कम्पोस्ट जैसे मूल्यवर्धित उत्पाद बनाने में मदद के लिए 10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सहकारी उत्पादों की बाजार में पहुंच मजबूत करने और उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ाने के लिए राज्यभर में बेचे जाने वाले ऐसे सभी उत्पादों पर अब ‘वेट्री’ नाम का साझा ब्रांड चिह्न होगा।

मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु सहकारी विपणन महासंघ बीज और उर्वरक की बिक्री बढ़ाकर 2,500 करोड़ रुपये करेगा। महासंघ स्वयं सहायता समूहों से सीधे जैव-उर्वरक खरीदेगा।

उन्होंने कहा कि धान, हल्दी, मक्का और नारियल जैसी प्रमुख फसलों की खरीद में बिचौलियों को हटाने के लिए 50 सहकारी विपणन समितियों के जरिये 50 करोड़ रुपये की कृषि-उत्पाद खरीद की जाएगी।

भाषा यासिर अजय

अजय


लेखक के बारे में