अहमदाबाद, 11 जनवरी (भाषा) अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड (एपीएसईजेड) के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने रविवार को कहा कि अदाणी समूह अगले पांच वर्षों में गुजरात के कच्छ क्षेत्र में 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा।
करण अदाणी राजकोट में कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों के लिए आयोजित ‘वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन’ (वीजीआरसी) को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और कई प्रमुख उद्योगति मौजूद थे।
उन्होंने कहा, ”अदाणी समूह अगले पांच वर्षों में कच्छ क्षेत्र में 1.5 लाख करोड़ रुपये निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम अपनी खावड़ा परियोजना को पूरा करेंगे और 2030 तक पूरी 37 गीगावाट क्षमता को चालू कर देंगे। साथ ही, हम अगले 10 वर्षों में मुंद्रा में अपनी बंदरगाह क्षमता को भी दोगुना करेंगे।”
अदाणी ने कहा कि इनमें से प्रत्येक निवेश भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं – रोजगार सृजन, औद्योगिक प्रतिस्पर्धा, स्थिरता और दीर्घकालिक मजबूती के अनुरूप है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता और बिखराव का सामना कर रही है, भारत एक उम्मीद की किरण के रूप में उभर रहा है। भारत लगभग आठ प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है, अपने विनिर्माण आधार का विस्तार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि गुजरात भारत के औद्योगिक रूप से उन्नत और वैश्विक स्तर पर जुड़े राज्यों में से एक है। भारत की जीडीपी में गुजरात का योगदान आठ प्रतिशत से अधिक है, जबकि औद्योगिक उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी 17 प्रतिशत है।
करण अडानी ने कच्छ को परिवर्तन का एक शक्तिशाली प्रतीक बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र कभी दूरदराज वाला और चुनौतीपूर्ण माना जाता था, लेकिन अब भारत के प्रमुख औद्योगिक, लॉजिस्टिक और ऊर्जा केंद्रों में एक बनकर उभरा है। उन्होंने आगे जोड़ा कि कच्छ में ही अदाणी समूह का मुंद्रा बंदरगाह स्थित है।
कार्यक्रम में वेलस्पन वर्ल्ड के चेयरमैन बालकृष्ण गोयनका ने कहा कि उनकी कंपनी गुजरात में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख लोगों को रोजगार दे रही है। अमेरिका और ब्रिटेन में वेलस्पन होम टेक्सटाइल की बाजार हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से अधिक है।
भाषा पाण्डेय
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