एआई भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र को गति देगा, यह कोई खतरा नहीं है: नैसकॉम चेयरमैन

एआई भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र को गति देगा, यह कोई खतरा नहीं है: नैसकॉम चेयरमैन

एआई भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र को गति देगा, यह कोई खतरा नहीं है: नैसकॉम चेयरमैन
Modified Date: April 26, 2026 / 11:37 pm IST
Published Date: April 26, 2026 11:37 pm IST

नयी दिल्ली, 26 अप्रैल (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के शीर्ष संगठन नैसकॉम के चेयरमैन श्रीकांत वेलामकन्नी ने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए खतरा नहीं है, बल्कि यह इसके विकास को गति देगा और रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।

नैसकॉम (नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज) के शीर्ष नेतृत्व की जिम्मेदारी ऐसे समय में श्रीकांत वेलामकन्नी ने संभाली है, जब भारतीय आईटी उद्योग भू-राजनीतिक अस्थिरता और कृत्रिम मेधा (एआई) से उत्पन्न बदलाव जैसी दोहरी चुनौतियों का सामना कर रहा है।

उन्होंने कहा, “एआई भारत के प्रौद्योगिकी उद्योग को गति देगा। यह हमारे प्रौद्योगिकी उद्योग के लिए कोई खतरा नहीं है। यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। अगर इसे सही तरीके से समझा जाए, तो हम बहुत अच्छी स्थिति में हैं क्योंकि पहला, इससे प्रदर्शन में काफी सुधार होगा। दूसरा, इस उद्योग के भविष्य को लेकर भरोसा और मजबूत होगा। प्रौद्योगिकी उद्योग का भविष्य बहुत उज्ज्वल है और मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि नैसकॉम में मेरे कार्यकाल के दौरान दुनिया इसे पहचाने।”

हाल ही में टीसीएस ने घोषणा की कि वित्त वर्ष 2025-27 में कंपनी लगभग 25,000 ‘फ्रेशर्स’ की भर्ती करने की योजना बना रही है, जबकि अन्य आईटी कंपनियों में या तो कर्मचारियों की संख्या में कमी देखी गई है या वे सीमित भर्ती की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

टीसीएस ने यह भी बताया कि उसका यह भर्ती लक्ष्य वित्त वर्ष 2025-26 में किए गए लगभग 44,000 ‘फ्रेशर्स’ की भर्ती की तुलना में कम है।

वेलामकन्नी ने भर्ती में आई कमी को स्वीकार किया, लेकिन एआई से प्रेरित प्रौद्योगिकी उद्योग की वृद्धि को लेकर आशावाद भी जताया।

उन्होंने कहा कि इससे आगे चलकर प्रतिभा की मांग में वृद्धि होगी।

वेलामकन्नी ने कहा कि समीक्षाधीन तिमाही में टीसीएस के कर्मचारियों की संख्या में शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई है और जैसे ही उद्योग में संरचनात्मक बदलाव पूरे हो जाएंगे, भर्ती के तरीके में भी बदलाव देखने को मिलेगा।

उन्होंने कहा, “हमें पता है कि भर्ती की गति कम हुई है। इसमें कोई शक नहीं है। यह एक बड़ी और स्पष्ट समस्या है। इसका एक कारण यह है कि वृद्धि अपेक्षा से कम रही है।”

वेलामकन्नी ने कहा, “इसके अलावा विभिन्न प्रकार की एआई तकनीकों के कारण कार्यों में समय की बचत हो रही है। अब जैसे-जैसे एआई और अधिक उन्नत होता जाएगा, उद्यमों में एआई की आवश्यकता में उल्लेखनीय रूप से वृद्धि होगी।”

भाषा योगेश धीरज

धीरज


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