सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जगह नहीं लेगा एआई, बल्कि उनका बढ़ाएगा: ब्रैड स्मिथ

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सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जगह नहीं लेगा एआई, बल्कि उनका बढ़ाएगा: ब्रैड स्मिथ

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  • Publish Date - February 23, 2026 / 05:28 PM IST,
    Updated On - February 23, 2026 / 05:28 PM IST

(मौमिता बख्शी चटर्जी)

नयी दिल्ली, 23 फरवरी (भाषा) माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) सॉफ्टवेयर इंजीनियर या सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पेशेवरों की जगह नहीं लेगी, बल्कि उनके कौशल और रचनात्मकता को बढ़ाएगी।

उन्होंने यह बात प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नौकरी छूटने की बढ़ती आशंकाओं पर कही।

स्मिथ ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में बताया कि माइक्रोसॉफ्ट का लक्ष्य ऐसी प्रौद्योगिकी विकसित करना है जो लोगों को और अधिक कुशल बनाए।

उन्होंने कहा कि एआई दोहराए जाने वाले कोडिंग काम संभाल सकता है, जिससे डेवलपर उत्पाद डिजाइन, सिस्टम आर्किटेक्चर, टेस्टिंग और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकें। इससे सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का पेशा और रोचक और चुनौतीपूर्ण बनेगा।

ब्रैड स्मिथ ने कहा कि एआई नौकरियों में कमी नहीं लाएगा, बल्कि पेशेवरों के काम को रचनात्मक एवं बेहतर बनाएगा। इससे कुशल पेशेवरों की मांग बढ़ेगी और उनके वेतन में सुधार होगा।

उन्होंने उन प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के दिग्गजों के प्रति नाराजगी जताई, जो केवल इंसानों से स्मार्ट मशीनें बनाने पर ध्यान देते हैं।

स्मिथ ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट का मुख्य उद्देश्य ऐसी मशीनें बनाना है जो लोगों की क्षमता को बढ़ाने में मदद करें।

स्मिथ ने कहा, ‘‘हमें हमेशा खुद से पूछना चाहिए कि हमारा लक्ष्य क्या है। मशीनें स्मार्ट होती जाएं, यह ठीक है, लेकिन हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य लोगों को स्मार्ट बनाना है।’’

उन्होंने बताया कि एआई का सबसे बड़ा फायदा तब है जब यह मानव संवाद, पढ़ाई और सुनने-समझने की क्षमता को बेहतर बनाए।

भारत में सरकारी अधिकारियों के साथ हुई चर्चाओं का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एआई 22 भारतीय भाषाओं का अनुवाद करके लोगों के बीच संवाद और समझ बढ़ाने में मदद कर सकता है।

उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘हम एआई का उपयोग सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की जगह लेने के लिए नहीं कर रहे, बल्कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की कला को उन्नत बनाने और पेशेवरों को बेहतर बनाने के लिए कर रहे हैं।’’

स्मिथ ने कहा कि भविष्य की नौकरियों के लिए कौशल में सुधार और तालमेल बनाना जरूरी है। इससे पेशेवरों की मांग बढ़ेगी और वे बेहतर वेतन पाने के योग्य होंगे।

भाषा योगेश अजय

अजय