नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को उम्मीद जताई कि अंतरिम व्यापार समझौते के तहत भारत, अमेरिका से लगभग 100 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के विमान, इंजन और कलपुर्जों का आयात करेगा। उन्होंने कहा कि विमानों के आयात से पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है और हवाई किराए में कमी आ सकती है।
द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के ढांचे पर दोनों पक्षों द्वारा शनिवार को जारी एक संयुक्त बयान के अनुसार, भारत ने अगले पांच वर्षों में 500 अरब अमेरिकी डॉलर के अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के कल-पुर्जे, कीमती धातुएं, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदने का इरादा व्यक्त किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत को अपने इस्पात उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कोकिंग कोयले की आवश्यकता है और अमेरिका इस वस्तु का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता है।
गोयल ने ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट में कहा, “हमें उम्मीद है कि हम और अधिक विमान देश में ला सकेंगे, जो हमारे पर्यटन के लिए अच्छा होगा, हमारे आवागमन को बेहतर बनाएगा और उम्मीद है कि सभी के लिए हवाई किराया कम करेगा…। साथ ही यह देश के दूरदराज के क्षेत्रों को बेहतर संपर्क प्रदान करने में भी मदद करेगा।”
उन्होंने कहा, ‘मैं आसानी से देख सकता हूं कि सिर्फ विमानन क्षेत्र अगले पांच वर्षों में लगभग 100 अरब डॉलर के आयात को पूरा करेगा।’
भारतीय इस्पात क्षेत्र का लक्ष्य उत्पादन को वर्तमान 14 करोड़ टन से बढ़ाकर लगभग 30 करोड़ टन करना है।
उन्होंने कहा कि इससे कोकिंग कोयले की आवश्यकता दोगुनी हो जाएगी।
गोयल ने कहा, ‘हमें कम से कम 30 अरब अमेरिकी डॉलर के कोकिंग कोयले की आवश्यकता है। वर्तमान में दो देश मुख्य रूप से कोकिंग कोयले की आपूर्ति करते हैं। यदि प्रतिस्पर्धा बढ़े और अधिक देश इस क्षेत्र में शामिल होकर हमारी जरूरतों को पूरा करें, तो क्या इससे हमें बेहतर गुणवत्ता और बेहतर कीमत नहीं मिलेगी?’
उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ भारत के व्यापार समझौते लगभग 55-60 हजार अरब डॉलर के बाजार के द्वार खोलते हैं।
उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ और अमेरिका दोनों की प्रति व्यक्ति आय अधिक है।
गोयल ने कहा, ‘क्या इस कमरे में कोई यह सोचता है कि वे किसी भी उत्पाद में भारत के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं?’
मंत्री ने कहा कि भारत ने किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा की है।
भाषा योगेश रमण
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