नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) सिंगापुर एयरलाइंस ने बृहस्पतिवार को कहा कि एयर इंडिया की ओर से अतिरिक्त पूंजी की कोई मांग आने पर उसका निदेशक मंडल समूह की अन्य पूंजीगत जरूरतों और एयर इंडिया की कारोबारी रणनीति को ध्यान में रखते हुए सावधानी से विचार करेगा।
सिंगापुर एयरलाइंस की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब घाटे में चल रही एयर इंडिया ने अपने सह-मालिकों टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस से 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त पूंजी मांगने की योजना बनाई है।
सिंगापुर के एक सांसद ने भी एयर इंडिया में सिंगापुर एयरलाइंस की ओर से और धन लगाए जाने को लेकर चिंता जताई है।
टाटा समूह ने जनवरी, 2022 में एयर इंडिया का अधिग्रहण किया था। फिलहाल एयर इंडिया में सिंगापुर एयरलाइंस की 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
सिंगापुर एयरलाइंस (एसआईए) ने कहा कि वह महत्वपूर्ण अल्पांश शेयरधारक के रूप में टाटा संस के साथ मिलकर एयर इंडिया के बदलाव कार्यक्रम में सहयोग कर रही है।
एसआईए के प्रवक्ता ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘एयर इंडिया की ओर से अतिरिक्त पूंजी की किसी भी मांग पर एसआईए का निदेशक मंडल समूह की अन्य पूंजीगत जरूरतों और एयर इंडिया की कारोबारी रणनीति को ध्यान में रखते हुए सावधानी से विचार करेगा।’’
सिंगापुर के सांसद केनेथ टियोंग बून कियाट ने इस सप्ताह सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए एयर इंडिया में सिंगापुर एयरलाइंस के और निवेश को लेकर चिंता जताई थी।
उन्होंने कहा कि एयर इंडिया ने अपने मालिकों से 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त पूंजी मांगी है और सिंगापुर एयरलाइंस की इसमें करीब एक-चौथाई हिस्सेदारी है।
उन्होंने कहा कि सिंगापुर एयरलाइंस में सरकारी निवेश कंपनी टेमासेक की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण इसका असर टेमासेक पर भी पड़ेगा।
टेमासेक सिंगापुर की सरकारी निवेश कंपनी है।
भाषा योगेश अजय
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