आंध्र सरकार ने रामायपत्त्नम बंदरगाह का काम पूरा करने के लिए ठेकेदार को दिया समय विस्तार

आंध्र सरकार ने रामायपत्त्नम बंदरगाह का काम पूरा करने के लिए ठेकेदार को दिया समय विस्तार

आंध्र सरकार ने रामायपत्त्नम बंदरगाह का काम पूरा करने के लिए ठेकेदार को दिया समय विस्तार
Modified Date: July 10, 2026 / 07:10 pm IST
Published Date: July 10, 2026 7:10 pm IST

अमरावती, 10 जुलाई (भाषा) आंध्र प्रदेश सरकार ने करीब 5,000 करोड़ रुपये की रामायपत्तनम बंदरगाह परियोजना का काम पूरा करने के लिए ठेकेदार को दूसरी बार समय विस्तार दिया है।

सरकार ने परियोजना के काम को पूरा करने के लिए अवधि बढ़ाकर 30 दिसंबर, 2026 कर दी है और इस विस्तार के लिए ठेकेदार पर कोई विलंब शुल्क नहीं लगाया जाएगा।

इस परियोजना का काम नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड (एनईसीएल) और अरबिंदो रियल्टी लिमिटेड (एआरआईपीएल) के संयुक्त उपक्रम को सौंपा गया था। परियोजना पूरी करने की मूल समय-सीमा 23 जून, 2025 तय की गई थी।

आंध्र प्रदेश मैरीटाइम बोर्ड (एपीएमबी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की सिफारिश के बाद सरकार ने समय विस्तार का फैसला किया। निर्माण कंपनी ने कई ऐसे कारण बताए थे, जो उसके नियंत्रण से बाहर थे और जिनके कारण परियोजना में देरी हुई।

आंध्र प्रदेश के अवसंरचना एवं निवेश विभाग के विशेष मुख्य सचिव एमटी कृष्ण बाबू ने शुक्रवार को जारी सरकारी आदेश में कहा कि सरकार ने मामले की समीक्षा के बाद प्रकाशम जिले में रामायपत्तनम बंदरगाह निर्माण परियोजना को पूरा करने के लिए दूसरी बार समय-सीमा बढ़ाने को मंजूरी दी है।

उन्होंने कहा कि समय विस्तार देने के लिए कोई अतिरिक्त राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा।

सरकारी आदेश के अनुसार, रामायपत्तनम बंदरगाह निर्माण के लिए 16 फरवरी, 2024 को संशोधित प्रशासनिक मंजूरी 4,923 करोड़ रुपये की दी गई थी, जबकि तकनीकी मंजूरी छह नवंबर, 2020 को प्रदान की गई थी।

आंध्र प्रदेश सरकार इससे पहले परियोजना के पहले चरण के काम को पूरा करने के लिए 27 अप्रैल, 2026 तक समय विस्तार दे चुकी थी। उस समय भी ठेकेदार पर विलंब क्षतिपूर्ति शुल्क नहीं लगाया गया था।

ठेकेदार ने दूसरी बार समय विस्तार के लिए आवेदन करते हुए कहा था कि देरी के कई कारण उसके नियंत्रण से बाहर थे। इनमें 38 एकड़ से अधिक शेष भूमि का हस्तांतरण नहीं होना शामिल है, जिससे परियोजना के महत्वपूर्ण काम जैसे भंडारण क्षेत्र, आंतरिक सड़क, रेलवे संपर्क और अन्य सुविधाएं प्रभावित हुईं।

ठेकेदार ने बिजली पारेषण और रेलवे संपर्क समेत बाहरी बुनियादी ढांचे के काम में देरी को भी समय विस्तार का कारण बताया।

भाषा योगेश रमण

रमण


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