आसियान, चीन, अन्य देशों ने किया दुनिया का सबसे बड़ा व्यापार करार

आसियान, चीन, अन्य देशों ने किया दुनिया का सबसे बड़ा व्यापार करार

आसियान, चीन, अन्य देशों ने किया दुनिया का सबसे बड़ा व्यापार करार
Modified Date: November 29, 2022 / 07:59 pm IST
Published Date: November 15, 2020 10:48 am IST

हनोई (वियतनाम), 15 नवंबर (एपी) चीन और 14 अन्य देशों ने विश्व के सबसे बड़े व्यापारिक गुट के गठन पर सहमति जताई है, जिसके दायरे में करीब एक-तिहाई आर्थिक गतिविधियां आएंगी।

एशिया में कई देशों को उम्मीद है कि इस समझौते से कोरोना वायरस महामारी की मार से तेजी से उबरने में मदद मिलेगी।

क्षेत्रीय समग्र आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) पर 10 देशों के दक्षिणपूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियन) के वार्षिक शिखर सम्मेलन के इतर रविवार को वर्चुअल तरीके से हस्ताक्षर किए गए।

मेजबान देश वियतनाम के प्रधानमंत्री गुयेन जुआन फुक ने कहा, ‘‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि आठ साल की कड़ी मेहनत के बाद हम आधिकारिक तौर पर आरसीईपी वार्ताओं को हस्ताक्षर तक लेकर आ पाए हैं।’’

फुक ने कहा, ‘‘आरसीईपी वार्ताओं के पूरा होने के बाद इस बारे में मजबूत संदेश जाएगा कि बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को समर्थन देने में आसियान की प्रमुख भूमिका रहेगी। यह दुनिया का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता है। इससे क्षेत्र में एक नया व्यापार ढांचा बनेगा, व्यापार सुगम हो सकेगा और कोविड-19 से प्रभावित आपूर्ति श्रृंखला को फिर से खड़ा किया जा सकेगा।’’

इस करार से सदस्य देशों के बीच व्यापार पर शुल्क और नीचे आएगा। यह पहले ही काफी निचले स्तर पर है।

इस समझौते में आसियान के 10 देशों के अलावा चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं। अमेरिका इस समझौते में शामिल नहीं है।

अधिकारियों ने कहा कि इस समझौते में भारत के फिर से शामिल होने की संभावनाओं को खुला रखा गया है। समझौते के तहत अपने बाजार को खोलने की अनिवार्यता के कारण घरेलू स्तर पर विरोध की वजह से भारत इससे बाहर निकल गया था।

जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने कहा कि उनकी सरकार समझौते में भविष्य में भारत की वापसी की संभावना समेत स्वतंत्र एवं निष्पक्ष आर्थिक क्षेत्र के विस्तार को समर्थन देती है और उन्हें इसमें अन्य देशों से भी समर्थन मिलने की उम्मीद है।

मलेशिया के अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं उद्योग मंत्री मोहम्मद आजमीन अली ने कहा, ‘‘यह समझौता संकेत देता है कि आरसीईपी देशों ने इस “मुश्किल समय में संरक्षणवादी कदम उठाने के बजाय अपने बाजारों को खोलने’’ का फैसला किया है।

एपी अजय अजय मनोहर

मनोहर


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