नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्रों (आईएफएससी) से संचालित सभी एफपीआई को प्रबंधन और सलाहकार सेवाएं देने की अनुमति दी।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक परिपत्र में कहा कि यह अनुमति कुछ शर्तों के अधीन है। इसमें यह शर्त भी शामिल है कि ऐसे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को ‘थिमैटिक’ यानी खास उद्देश्य वाली योजनाओं के अलावा अन्य म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश करने की अनुमति दी जाएगी।
भारत में मान्यता प्राप्त शेयर बाजारों में सूचीबद्ध इक्विटी और इक्विटी डेरिवेटिव प्रतिभूतियों में निवेश के लिए एफपीआई को छह महीने के लिए ‘कॉन्ट्रा-पोजिशन’ लेने की अनुमति नहीं होगी।
सेबी ने यह निर्णय भी लिया है कि एएमसी आईएफएससी से परिचालन करने वाले और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) द्वारा विनियमित ऐसे एफपीआई को प्रबंधन और सलाहकार सेवाएं भी दे सकते हैं, जो सेबी के दिसंबर 2019 में जारी परिपत्र में दिए एफपीआई की श्रेणियों के अंतर्गत नहीं आते हैं।
यह फैसला आईएफएससीए के परामर्श से और एएमसी से मिले अनुरोधों के आधार पर किया गया है।
भाषा पाण्डेय रमण
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