नयी दिल्ली, 19 मार्च (भाषा) देश के दूसरे सबसे बड़े ऋणदाता एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अचानक नैतिक चिंताओं का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
यह पहली बार है जब एचडीएफसी बैंक के किसी अंशकालिक चेयरमैन ने कार्यकाल के बीच में पद छोड़ा है। इससे बैंक के कामकाज को लेकर सवाल उठे हैं। उनका कार्यकाल चार मई 2027 को समाप्त हो रहा था।
उन्होंने 17 मार्च को भेजे अपने इस्तीफे में कहा, ‘‘ पिछले दो वर्ष में बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाओं व प्रथाओं को मैंने देखा है जो मेरे व्यक्तिगत मूल्यों एवं नैतिकता के अनुरूप नहीं हैं। यही मेरे इस निर्णय का आधार है।’’
शासन, नामांकन, पारिश्रमिक समिति के चेयरमैन एच. के. भनवाला को लिखे पत्र में चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘ उपरोक्त के अलावा मेरे इस्तीफे का कोई अन्य महत्वपूर्ण कारण नहीं है।’’
एचडीएफसी बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि चक्रवर्ती ने 18 मार्च 2026 को तत्काल प्रभाव से अंशकालिक चेयरमैन एवं स्वतंत्र निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया है।
बैंक ने कहा, ‘‘ हालांकि चक्रवर्ती के इस्तीफा पर तारीख 17 मार्च 2026 है लेकिन यह बैंक को 18 मार्च 2026 को तीन बजकर 17 मिनट (आईएसटी) मिला।’’
कंपनी सूचना के अनुसार, बैंक के आवेदन पर भारतीय रिजर्व बैंक ने 18 मार्च 2026 को केकी मिस्त्री को 19 मार्च 2026 से तीन महीने की अवधि के लिए अंतरिम अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।
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