मुंबई, 11 जून (भाषा) खुदरा और कॉरपोरेट दोनों तरह के ऋण की लगातार बनी मांग के कारण मई में बैंक ऋण में सालाना आधार पर 17.44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ताजा आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
यह लगातार नौवां महीना है जब ऋण की वृद्धि दहाई अंक में रही है।
आरबीआई के अनुसार, 15 मई को बैंक ऋण वृद्धि दर 16.06 प्रतिशत थी, जो महीने के अंत तक बढ़कर 17.44 प्रतिशत हो गई।
आंकड़ों के अनुसार, 31 जनवरी, 2026 से ऋण वृद्धि दर लगातार 13 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है। इसके बाद यह 14 से 17 प्रतिशत के दायरे में रही है।
सितंबर, 2025 से ऋण वृद्धि में तेजी और अधिक स्पष्ट हुई, जब यह लगातार दो पखवाड़ों में क्रमशः 10.21 प्रतिशत और 10.29 प्रतिशत दर्ज की गई। इसके बाद से वृद्धि लगातार दहाई अंक में बनी हुई है।
पिछले साल अक्टूबर और नवंबर में ऋण वृद्धि की रफ्तार और मजबूत हुई। इस दौरान वृद्धि 11 प्रतिशत से ऊपर रही और 11 से 11.4 प्रतिशत के दायरे में बनी रही। त्योहारों के मौसम में मांग बढ़ने, खुदरा ऋण विस्तार और व्यापार वित्तपोषण में वृद्धि से इसे बल मिला।
दिसंबर में यह रुझान और मजबूत हुआ। ऋण वृद्धि दिसंबर मध्य में 11.63 प्रतिशत और 11.87 प्रतिशत रहने के बाद 31 दिसंबर तक बढ़कर 14.39 प्रतिशत पर पहुंच गई।
भाषा
योगेश अजय
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