बैंकों में आपात योजना के तहत और 45,000 करोड़ रुपए का रिण देने की गुंजाइश: आईबीए सीईओ

बैंकों में आपात योजना के तहत और 45,000 करोड़ रुपए का रिण देने की गुंजाइश: आईबीए सीईओ

बैंकों में आपात योजना के तहत और 45,000 करोड़ रुपए का रिण देने की गुंजाइश: आईबीए सीईओ
Modified Date: November 29, 2022 / 08:23 pm IST
Published Date: May 30, 2021 3:00 pm IST

मुंबई, 30 मई (भाषा) सरकार द्वारा तीन लाख करोड़ रुपए की आपातकालीन रिण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) का दायरा बढ़ाए जाने के बीच बैंकों ने रविवार को कहा कि इस योजना के तहत अब तक 2.54 लाख करोड़ रुपए के कर्ज मंजूर किए जा चुके हैं तथा उनके पास और 45,000 करोड़ रुपए वितरित करने की गुंजाइश है।

वित्त मंत्रालय ने कोविड-19 की दूसरी लहर से प्रभावित हुई व्यावसायिक क्षेत्रों की इकाइयों की मदद के लिए घोषित इस योजना का दायरा रविवार को बढ़ा दिया। अब इसके तहत अस्पतालों/नर्सिंग होम को भी उनके परिसर में ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों की स्थापना के लिए रियायती रिण की सुविधा प्रदान की जा सकती है।

योजना की वैधता को तीन और महीने के लिए 30 सितंबर तक या तीन लाख करोड़ रुपए की राशि के लिए गारंटी जारी किए जाने तक बढ़ा दिया गया है।

इंडियन बैंक्स एसोसियेशन के सीईओ सुनील मेहता ने मंत्रालय की घोषणा के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘(ईसीएलजीएस के लिए) उपलब्ध पूरे कोष में से 2.54 लाख करोड़ रुपए के रिणों को पहले ही मंजूरी दे दी गयी है और करीब 45,000 करोड़ रुपए के और रिण की गुंजाइश बाकी है। 2.54 लाख करोड़ रुपए में से 2.40 लाख करोड़ रुपए पहली ही वितरित कर दिए गए हैं।’

मंत्रालय ने कहा कि ईसीएलजीएस 4.0 के तहत ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित करने के लिए अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लीनिक, मेडिकल कॉलेज को दो करोड़ रुपए तक के रिण के लिए 100 प्रतिशत गांरटी कवर दिया जाएगा।

इन रिणों पर ब्याज की दर अधिकतम 7.5 प्रतिशत होगी।

भाषा प्रणव मनोहर

मनोहर


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