भारत ने संरचनात्मक, प्रतिस्पर्धा-समर्थक सुधारों के दम पर 25 स्थान की छलांग लगाईः रिपोर्ट

भारत ने संरचनात्मक, प्रतिस्पर्धा-समर्थक सुधारों के दम पर 25 स्थान की छलांग लगाईः रिपोर्ट

भारत ने संरचनात्मक, प्रतिस्पर्धा-समर्थक सुधारों के दम पर 25 स्थान की छलांग लगाईः रिपोर्ट
Modified Date: July 30, 2026 / 10:24 pm IST
Published Date: July 30, 2026 10:24 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) भारत वर्ष 2010 से 2023 के बीच संरचनात्मक और प्रतिस्पर्धा समर्थक सुधारों के दम पर वैश्विक रैंकिंग में 25 स्थान की छलांग लगाते हुए 82वें से 57वें स्थान पर पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

कंपीटेयर फाउंडेशन की इस रिपोर्ट में ‘बाजार विकृति प्रदर्शन सूचकांक’ के तहत भारत के प्रदर्शन का आकलन किया गया है। इस रिपोर्ट में 2010 से 2023 के दौरान हुए सुधारों का श्रेय बाजार विकृतियों को कम करने तथा प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने के निरंतर प्रयासों को दिया गया है।

रिपोर्ट में माल एवं सेवा कर (जीएसटी), दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के क्रियान्वयन, नियामकीय वातावरण में सुधार और व्यापार सुविधा प्रणालियों के आधुनिकीकरण जैसे प्रमुख सुधारों को रेखांकित किया गया है।

वाणिज्य मंत्रालय ने बयान में कहा कि इस रिपोर्ट में प्रतिस्पर्धा, निवेश परिस्थितियों, डिजिटल बाजारों और बाहरी नियामकीय बाधाओं से जुड़े पहलुओं का भी विश्लेषण किया गया है, जो भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भागीदारी को प्रभावित करते हैं।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय


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