मुंबई, 30 जुलाई (भाषा) भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने बृहस्पतिवार को बैंकों से कहा कि वे एक ही दिन समान राशि जमा किए जाने पर सभी शाखाओं में एकसमान ब्याज दर प्रदान करें और इस मामले में किसी भी तरह का भेदभाव न किया जाए।
केंद्रीय बैंक के संशोधित दिशानिर्देशों के मुताबिक, जमा (डिपॉजिट) पर दी जाने वाली ब्याज दरें (थोक जमा समेत) बैंकों की वेबसाइट पर पहले से घोषित दरों के अनुरूप ही होनी चाहिए।
आरबीआई ने स्पष्ट किया कि किसी बैंक के लिए समान राशि की जमा, जो एक ही दिन स्वीकार की गई हो, उस पर अलग-अलग दरें देना स्वीकार्य नहीं होगा।
इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने कहा कि बैंकों को हर कारोबारी दिन सुबह 10 बजे तक अपनी वेबसाइट पर थोक जमा की ब्याज दरें सार्वजनिक करनी होंगी। हालांकि, इसमें अधिकतम 10 मिनट की छूट दी गई है। इसका मतलब है कि बैंकों को सुबह 10 बजकर 10 मिनट तक ब्याज दरें अद्यतन करनी होंगी।
केंद्रीय बैंक ने बैंकों को तरलता कवरेज अनुपात (एलसीआर) ढांचे के तहत थोक जमा पर अलग-अलग ब्याज दर देने की सीमित छूट भी दी है, बशर्ते यह अंतर वैध वित्तीय मानकों के आधार पर हो।
‘भारतीय रिजर्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक- जमाओं पर ब्याज दर) दूसरा संशोधन निर्देश, 2026’ के तहत जारी ये निर्देश एक अक्टूबर, 2026 से प्रभावी होंगे।
आरबीआई ने कहा कि इस नियम को जून में जारी दिशानिर्देशों के मसौदे पर हितधारकों की प्रतिक्रिया के बाद अंतिम रूप दिया गया है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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