पटना, 11 फरवरी (भाषा) बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 3,000 करोड़ रुपये की बकाया राशि की मांग की है।
विधानसभा में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक अमरेंद्र कुमार के अल्पसूचित प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए 12,19,615 आवासों का लक्ष्य मिला है और कुल 12,08,327 आवासों को स्वीकृति दी जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि स्वीकृत आवासों में से 11,35,835 लाभार्थियों को पहली किस्त की सहायता राशि का भुगतान किया गया है, जबकि 72,492 लाभार्थियों को पहली किस्त का भुगतान अभी लंबित है।
मंत्री ने कहा कि पहली किस्त पाने वाले लाभार्थियों में से 7,47,366 लोगों को दूसरी किस्त का भी भुगतान किया जा चुका है, जबकि 3,26,950 लाभार्थियों दूसरी किस्त मिलनी बाकी है।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान कुल 9,16,709 आवासों का निर्माण पूरा होना अभी लंबित है।
श्रवण कुमार ने कहा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने जुलाई के बाद से योजना की राशि का व्यय ‘एकल नोडल खाता’ (एसएनए-स्पर्श) मॉडल के तहत करने का निर्देश दिया है। नई व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो पाने और खातों के समय पर नहीं खुलने के कारण राशि मिलने में देर हुई।
एसएनए-स्पर्श मॉडल के तहत सरकारी योजनाओं का पैसा एक डिजिटल खाते से सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाया जाता है। यह व्यवस्था खासकर ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में लागू की जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के आग्रह पर केंद्र ने इस व्यवस्था के लिए 31 जनवरी 2026 तक की सहूलियत दी थी और अब तक 91 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि वह केंद्रीय मंत्री से मिलकर मार्च तक आवश्यक आदेश प्राप्त करने का प्रयास करेंगे और अधूरे आवासों का निर्माण समय पर पूरा कराया जाएगा।
भाषा कैलाश
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