Bihar Sugar Industry Policy 2026 : इस चीज़ की मिल लगाने पर 1 रुपये में मिलेगी 40 एकड़ ज़मीन, युवाओं और किसानों की किस्मत बदलने आ गई नई नीति!

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बिहार सरकार ने नई चीनी मिलों और गन्ना आधारित उद्योगों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 'बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति 2026' लागू की है। इसके तहत निवेशकों को ₹1 के सांकेतिक शुल्क पर 40 एकड़ तक जमीन और ₹100 करोड़ तक की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान किया गया है।

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  • Publish Date - June 25, 2026 / 11:44 PM IST,
    Updated On - June 25, 2026 / 11:44 PM IST

Bihar Sugar Industry Policy 2026

HIGHLIGHTS
  • नई चीनी मिलों के लिए ₹1 में 40 एकड़ तक जमीन
  • निवेशकों को ₹100 करोड़ तक की वित्तीय सहायता
  • 5 साल तक SGST और स्टांप शुल्क में 100% प्रतिपूर्ति

पटना : बिहार सरकार ने राज्य में नयी चीनी मिलों की स्थापना को बढ़ावा देने और गन्ना आधारित उद्योगों में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से ‘बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति, 2026’ लागू की है।इसके तहत नयी चीनी मिल स्थापित करने के इच्छुक निवेशकों को गन्ना उद्योग विभाग और बिहार राज्य चीनी निगम की भूमि 30 वर्ष के पट्टे पर 40 एकड़ तक जमीन मात्र एक रुपये के सांकेतिक शुल्क पर उपलब्ध कराई जाएगी।

पांच वर्षों तक 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति का प्रावधान

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में स्वीकृत इस नीति की जानकारी बृहस्पतिवार को गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने दी।उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नयी चीनी मिल स्थापित करने के लिए भूमि खरीदने पर निवेशकों को निबंधन एवं स्टांप शुल्क की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति दी जाएगी, इसके अलावा, चीनी उत्पादन पर देय राज्य माल एवं सेवा कर (एसजीएसटी) की भी पांच वर्षों तक 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है।

100 करोड़ रुपये तक का अनुदान

 

उन्होंने बताया कि 5,000 टन पेराई प्रति दिन क्षमता (टीसीडी) की नयी चीनी मिल स्थापित करने पर पांच वर्षों में अधिकतम 100 करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार, 3,500 टीसीडी क्षमता की नयी चीनी मिल के लिए अधिकतम 70 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।मंत्री के अनुसार, वर्तमान चीनी मिलें यदि अपनी क्षमता में कम से कम 1,000 टीसीडी की वृद्धि करती हैं तो उन्हें 15 करोड़ रुपये की सहायता मिलेगी। इससे अधिक क्षमता विस्तार करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन भी प्रदान किए जाएंगे।

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