बिलासपुर (हिप्र), नौ जुलाई (भाषा) हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले को ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ के तहत चुने गए देश के 100 जिलों में 17वां स्थान मिला है। उपायुक्त राहुल कुमार ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों को बधाई देते हुए कुमार ने सभी विभागों के प्रमुखों से कहा कि वे सालाना लक्ष्य तय करें और योजना के तहत हर साल कम से कम 10 प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करें। इस योजना का मकसद चुने गए जिलों में फसल की पैदावार बढ़ाना है।
उपायुक्त (डीसी) ने विभागीय उपलब्धियों की नियमित समीक्षा, समय पर लक्ष्य हासिल करने और बेहतर नतीजे पाने पर भी खास ज़ोर दिया। उन्होंने आगे कहा कि विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने और योजनाओं को तेज़ी से लागू करने के लिए हर महीने की चार तारीख को समीक्षा बैठक की जाएगी।
उन्होंने बैठक में सदस्यों को बताया कि केंद्र सरकार ने ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ के तहत देश भर से 100 जिलों को चुना है, जिनमें हिमाचल प्रदेश से सिर्फ बिलासपुर जिला शामिल है।
कुमार ने कहा कि यह जिले के लिए खेती और उससे जुड़े क्षेत्रों में बड़े बदलाव लाने का एक अहम मौका है। डीसी ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ सिर्फ खेती की पैदावार बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने, प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने और खेती व उससे जुड़े क्षेत्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देने का एक व्यापक अभियान है।
यह योजना छह मुख्य उद्देश्यों पर काम करती है – खेती की पैदावार बढ़ाना, फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती के तरीकों को बढ़ावा देना, फसल कटाई के बाद भंडारण और प्रसंस्करण की सुविधाएं विकसित करना, सिंचाई के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करना, किसानों के लिए कम और लंबी अवधि के कृषि ऋण तक पहुंच बेहतर बनाना और सुशासन व सेवा वितरण में सुधार करना।
कुमार ने सभी विभागों से एक साझा कार्य योजना के तहत जिम्मेदारी से काम करने का आग्रह किया ताकि जिले के किसान इस योजना का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठा सकें और बिलासपुर राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिलों में खुद को एक मज़बूत अगुवा के तौर पर स्थापित कर सके।
भाषा राजेश राजेश अजय
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