(लक्ष्मी देवी ऐरे)
नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) कृषि आयुक्त पी.के. सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत में जुलाई के दौरान कपास की बुवाई महाराष्ट्र जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के मजबूत होने के साथ तेज़ हो गई है। पहले यह बुवाई खरीफ सत्र में पिछले साल के मुकाबले 23 प्रतिशत पीछे चल रही थी।
सिंह ने पीटीआई-भाषा को बताया कि पांच जुलाई तक कपास का रकबा 63.18 लाख हेक्टेयर था, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 82 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी; हालांकि, बारिश में सुधार के साथ यह अंतर कम हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘मानसून में सुधार हुआ है। जुलाई में अच्छी बारिश हो रही है और बुवाई में तेज़ी आई है।’
सिंह ने कहा कि भारत में कपास की बुवाई साल में दो बार होती है और बुवाई का समय क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग होता है। बुवाई आमतौर पर पंजाब और हरियाणा में शुरू होती है और फिर तमिलनाडु तक फैलती है। बुवाई का समय आमतौर पर 15 जुलाई तक खत्म हो जाता है, लेकिन इस सत्र में मानसून में देरी के कारण इसे 30 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है।
भारत के प्रमुख कपास उत्पादक क्षेत्रों में मध्य क्षेत्र में गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश शामिल हैं; इसके बाद उत्तरी राज्यों में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान आते हैं; और दक्षिणी क्षेत्र में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु शामिल हैं।
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