पीएफसी के निदेशक मंडल ने आरईसी के विलय पर सैद्धांतिक मंजूरी दी

Ads

पीएफसी के निदेशक मंडल ने आरईसी के विलय पर सैद्धांतिक मंजूरी दी

  •  
  • Publish Date - February 6, 2026 / 05:28 PM IST,
    Updated On - February 6, 2026 / 05:28 PM IST

नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) के निदेशक मंडल ने शुक्रवार को गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) आरईसी लिमिटेड का विलय कराने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी।

इस विलय के बाद भी पीएफसी कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत ‘सरकारी कंपनी’ बनी रहेगी।

पीएफसी और आरईसी के विलय को लेकर निदेशक मंडल की यह मंजूरी रविवार को केंद्रीय बजट में की गई घोषणा के बाद आई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में सार्वजनिक क्षेत्र की एनबीएफसी कंपनियों के पुनर्गठन का संकेत दिया था।

पीएफसी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा, “निदेशक मंडल ने बजट घोषणा का संज्ञान लेते हुए पीएफसी और आरईसी के विलय के रूप में पुनर्गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। यह विलय इस शर्त के साथ होगा कि विलय के बाद भी पीएफसी कंपनी अधिनियम, 2013 और अन्य लागू कानूनों के तहत ‘सरकारी कंपनी’ बनी रहे।”

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) से मिली सैद्धांतिक मंजूरी के तहत पीएफसी ने मार्च, 2019 में आरईसी में सरकार की 52.63 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण 14,500 करोड़ रुपये में किया था। इसके बाद से ही आरईसी, पीएफसी की अनुषंगी कंपनी के रूप में काम करती रही है।

वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा था, “विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए एनबीएफसी के लिए स्पष्ट ऋण वितरण और प्रौद्योगिकी अपनाने के लक्ष्य तय किए गए हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की एनबीएफसी कंपनियों का पैमाना बढ़ाने और दक्षता सुधारने के लिए पहले कदम के तौर पर पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और आरईसी के पुनर्गठन का प्रस्ताव है।”

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय