ब्रिक्स देशों में सामाजिक सुरक्षा, कौशल, एआई में सहयोग की अपार संभावनाएं: मांडविया

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ब्रिक्स देशों में सामाजिक सुरक्षा, कौशल, एआई में सहयोग की अपार संभावनाएं: मांडविया

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  • Publish Date - July 14, 2026 / 09:18 PM IST,
    Updated On - July 14, 2026 / 09:18 PM IST

हैदराबाद, 14 जुलाई (भाषा) केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास, कृत्रिम मेधा (एआई) और गरिमापूर्ण रोजगार जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं।

मांडविया ने ‘ब्रिक्स ट्रेड यूनियन फोरम समिट-2026’ के उद्घाटन के बाद कहा कि ब्रिक्स देश एकसाथ दुनिया की लगभग आधी आबादी और विशाल श्रमशक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं।

उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे हमारी अर्थव्यवस्थाएं विकसित हो रही हैं, सामाजिक सुरक्षा, कौशल, एआई संचालन, श्रम गतिशीलता और सम्मानजनक काम जैसे क्षेत्रों में गहरे सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।”

उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को हैदराबाद में होने वाली ब्रिक्स श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक इस सम्मेलन की अनुशंसाओं को ठोस नीतियों और व्यावहारिक परिणामों में बदलने का अच्छा अवसर होगी।

श्रम मंत्री ने कहा कि ब्रिक्स देश मिलकर भविष्य की ऐसी कार्य संस्कृति बना सकते हैं, जो नवोन्मेषी, समावेशी और मानव-केंद्रित हो।

भारत के संदर्भ में उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन देश की विकास रणनीति का केंद्र है और पिछले एक दशक में करीब 17 करोड़ रोजगार अवसर पैदा किए गए हैं।

उन्होंने दावा किया कि बेरोजगारी दर 2017 के छह प्रतिशत से घटकर 2025 में 3.1 प्रतिशत रह गई, जबकि महिला रोजगार दर 22 प्रतिशत से बढ़कर 38.8 प्रतिशत हो गई।

मांडविया ने बताया कि इस गति को बनाए रखने के लिए सरकार ने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार’ योजना शुरू की है, जिसका लक्ष्य अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ औपचारिक नौकरियां सृजित करना है।

मांडविया ने कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) जैसे संस्थानों में सुधार कर सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाया गया है। ईपीएफओ के आठ करोड़ से अधिक सक्रिय सदस्य और 80 लाख पेंशनभोगी हैं, जबकि ईएसआईसी 15 करोड़ से अधिक बीमित लोगों और उनके आश्रितों को कवर करता है।

उन्होंने कहा कि देश में सामाजिक सुरक्षा कवरेज 2015 के 19 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 64.3 प्रतिशत हो गया जो करीब 94 करोड़ लोगों को कवर करता है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 2026 में यह आंकड़ा 100 करोड़ से अधिक हो गया है।

उन्होंने कहा कि भारत नैतिक एआई, जिम्मेदार नवाचार, डिजिटल साक्षरता और श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने का समर्थन करता है, ताकि तकनीकी बदलाव के दौर में सभी के लिए न्यायसंगत अवसर सुनिश्चित हो सकें।

भाषा राजेश राजेश प्रेम

प्रेम