मुंबई, 14 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र सरकार गहरे समुद्र में मछुआरों को सैटेलाइट फोन संपर्क सुविधा प्रदान करने की संभावना तलाश रही है। यह तट के साथ निर्बाध संचार को सक्षम करके जीवन रेखा के रूप में काम कर सकती है।
मत्स्य पालन मंत्री नितेश राणे ने मंगलवार को कहा कि मत्स्य पालन विभाग प्रस्तावित सुविधा पर भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के साथ चर्चा कर रहा है।
मंत्री के कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, विभाग ने बीएसएनएल की वैश्विक सैटेलाइट फोन सेवा (जीएसपीएस) की समीक्षा की, जिसमें पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क की पहुंच से परे क्षेत्रों में संचार बनाए रखने के लिए इसकी कवरेज, तकनीकी विशेषताएं और उपयुक्तता शामिल है।
राणे ने कहा कि मछुआरों की सुरक्षा और आजीविका सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गहरे समुद्र में ‘मोबाइल कनेक्टिविटी’ की कमी अक्सर आपात स्थिति के दौरान संचार में बाधा डालती है।
उन्होंने कहा, ‘‘सैटेलाइट फोन तट के साथ निर्बाध संचार को सक्षम करके मछुआरों के लिए जीवन रेखा के रूप में काम कर सकते हैं। सरकार बीएसएनएल के साथ समन्वय में इस सुविधा को शुरू करने के बारे में सकारात्मक है, जो समुद्री सुरक्षा, बचाव अभियान और संचार को मजबूत करेगी।’’
राणे ने कहा कि प्रस्तावित सेवा मछुआरों को दूरदराज के अपतटीय क्षेत्रों में भी जुड़े रहने में सक्षम बनाएगी जहां मोबाइल नेटवर्क अनुपलब्ध हैं। इससे उन्हें प्रतिकूल मौसम, यांत्रिक विफलताओं, चिकित्सा आपात स्थितियों और अन्य संकटों के दौरान तत्काल सहायता प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।
एक सरकारी बयान में कहा गया है कि प्रस्तावित सुविधा से मछली पकड़ने वाले जहाजों और तट के बीच निरंतर संचार सुनिश्चित करके बचाव एजेंसियों को अधिक तेजी से प्रतिक्रिया करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इसमें कहा गया है कि राज्य सरकार ‘मछुआरा सुरक्षा पहले’ नीति के तहत आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दे रही है और सैटेलाइट फोन पहल से मत्स्य पालन क्षेत्र का आधुनिकीकरण करते हुए गहरे समुद्र में मछली पकड़ने को सुरक्षित बनाने की उम्मीद है।
भाषा राजेश राजेश रमण
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