सेल को मुनाफे में लाना एक चुनौतीपूर्ण अनुभव, निवर्तमान अध्यक्ष ने कहा

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सेल को मुनाफे में लाना एक चुनौतीपूर्ण अनुभव, निवर्तमान अध्यक्ष ने कहा

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  • Publish Date - December 29, 2020 / 07:37 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:57 PM IST

(अभिषेक सोनकर)

नयी दिल्ली, 29 दिसंबर (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम सेल के निवर्तमान अध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा कि कई तिमाहियों तक घाटे के बाद कंपनी को मुनाफे में लाना उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण अनुभव था।

अध्यक्ष ने कहा कि वह सेल को निकट भविष्य में अपना 50 प्रतिशत कर्ज चुकाते हुए देखना चाहते हैं।

चौधरी 1984 में जूनियर मैनेजर के रूप में सेल में शामिल हुए थे और विभिन्न पदों पर लगभग 36 वर्षों तक कंपनी की सेवा करने के बाद 31 दिसंबर 2020 को शीर्ष पद से सेवानिवृत्त होंगे।

उन्होंने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘मैं अपने करियर की शुरुआत से सेल से जुड़ा रहा हूं और इस दौरान कंपनी ने कई उतार-चढ़ाव देखे… मैं सेल के हाल में मुनाफे में आने के वक्त वित्त निदेशक और फिर चेयरमैन था।’’

सेल ने वित्त वर्ष 2017-18 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में शुद्ध लाभ हासिल किया था। इस तरह पिछली कई तिमाहियों तक घाटे में रहने के बाद सेल ने वापसी की।

चौधरी 2011 से 2018 तक कंपनी के वित्त निदेशक थे और उसके बाद उन्होंने सेल के चैयरमैन का कार्यभार संभाला।

उन्होंने कहा कि कंपनी की योजना अपने कर्ज को इस महीने के अंत तक घटाकर 45,000 करोड़ रुपये और इस वित्त वर्ष के अंत तक 40,000 करोड़ रुपये करने की है। सितंबर 2020 में कंपनी पर 50,638 करोड़ रुपये का कर्ज था।

आर्सेलरमित्तल के साथ संयुक्त उद्यम की स्थापना के बारे में चौधरी ने कहा कि इस परियोजना पर बातचीत काफी आगे बढ़ गई थी, लेकिन तभी लक्जमबर्ग स्थित वैश्विक इस्पात कंपनी एनसीएलटी (राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण) की व्यवस्था के तहत एस्सार स्टील के अधिग्रहण व्यस्त हो गई, तो बात रुक गई।

भाषा पाण्डेय

पाण्डेय