कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद सर्राफा में तेज़ी; सोना दो माह के उच्च स्तर पर

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कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद सर्राफा में तेज़ी; सोना दो माह के उच्च स्तर पर

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  • Publish Date - August 11, 2026 / 06:21 PM IST,
    Updated On - August 11, 2026 / 06:21 PM IST

नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने की कीमतों में लगातार छठे सत्र में बढ़ोतरी हुई। कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती के बावजूद व्यापारियों की ओर से निवेश की मांग के कारण सोना 1,200 रुपये बढ़कर 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना सोमवार के 1,56,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के बंद भाव से 1,200 रुपये बढ़कर 1,57,200 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) हो गया।

पिछली बार यह इन स्तर के आसपास 12 जून को कारोबार कर रहा था, जब इसका भाव 1,56,900 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

इस कीमती धातु में पिछले छह कारोबारी सत्रों में 9,800 रुपये या 6.65 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह तीन अगस्त को दर्ज 1,47,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से ऊपर चढ़ी है।

चांदी भी इसी तेजी के दौर में है और इसकी कीमत 2,000 रुपये बढ़कर 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) हो गई है, जिससे चांदी दो महीने से अधिक समय में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।

पिछली बार यह 30 अप्रैल को इस स्तर के आसपास कारोबार कर रही थी, जब इसका भाव 2,42,700 रुपये प्रति किलोग्राम था।

लेमन मार्केट्स डेस्क के शोध प्रमुख, गौरव गर्ग ने कहा कि सोने में लगातार छठे सत्र में तेजी जारी रही और यह दो महीने से अधिक समय में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। निवेशकों ने अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से पहले सुरक्षित निवेश के तौर पर खरीदारी बढ़ाई, क्योंकि इन आंकड़ों से फेडरल रिजर्व के ब्याज दर के नजरिये के बारे में नए संकेत मिल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि औद्योगिक मांग और निवेशकों के सकारात्मक रुख के कारण चांदी में भी तेजी देखी गई। वैश्विक बाजार में हाजिर सोना 0.38 प्रतिशत घटकर 4,373.43 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी लगभग 1.3 प्रतिशत घटकर 64.90 डॉलर प्रति औंस रह गई।

वैश्विक बाजार में सोने की कीमत बढ़ाने की शुरुआती कोशिश भी नाकाम रही।

मिराए एसेट शेयरखान में जिंस प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से पहले हाजिर कीमतें 4,435 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई थीं, लेकिन बाद में वे गिर गईं।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर गतिरोध जारी रहने से कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ गईं, जिससे निवेशकों के लिए अनिश्चितता और बढ़ गई।

इस बीच, ईरान ने दावा किया कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है और कहा कि आईआरजीसी को तैयार रहने का आदेश दिया गया है।

सर्राफा कारोबारियों के लिए अगली चुनौती अमेरिकी महंगाई रिपोर्ट है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक-जिंस सौमिल गांधी ने कहा कि बुधवार को आने वाली अमेरिका की जुलाई उपभोक्ता मूल्य रिपोर्ट और उसके बाद बृहस्पतिवार को आने वाले उत्पादक मूल्य के आंकड़े फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के नजरिये के बारे में नए संकेत देंगे।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय