सरकार से आईटी क्षेत्र के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ को अनिवार्य करने की मांग

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सरकार से आईटी क्षेत्र के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' को अनिवार्य करने की मांग

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  • Publish Date - May 11, 2026 / 07:14 PM IST,
    Updated On - May 11, 2026 / 07:14 PM IST

नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के कर्मचारियों के संगठन एनआईटीईएस ने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय से एक परामर्श जारी करने का आग्रह किया है, जिसमें आईटी और आईटीईएस क्षेत्रों के लिए जहां भी संभव हो, ‘वर्क फ्रॉम होम’ अनिवार्य करने का निर्देश देने की मांग की गई है।

यह मांग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पश्चिम एशिया में युद्ध के प्रतिकूल प्रभावों से बचने के लिए हाल ही में कुछ विशेष उपाय करने के आह्वान के बाद की गई।

मंत्रालय को सौंपे गए एक औपचारिक प्रतिवेदन में नैसेंट इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लॉइज सीनेट (एनआईटीईएस) ने कहा कि लाखों आईटी पेशेवरों के दैनिक आवागमन को कम करने से ईंधन संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण सहित राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

एनआईटीईएस के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह सलूजा ने कहा, ‘‘भारतीय आईटी क्षेत्र ने कोविड-19 महामारी के दौरान उत्पादकता या व्यावसायिक निरंतरता में बाधा डाले बिना बड़े पैमाने पर वर्क फ्रॉम होम को सफलतापूर्वक लागू किया था। इस क्षेत्र में दूर से काम करके राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का समर्थन करने के लिए बुनियादी ढांचा और क्षमता दोनों मौजूद हैं।’’

संगठन ने कहा कि घर से काम करने से न केवल अनावश्यक यात्रा और ट्रैफिक जाम में कमी आएगी, बल्कि कर्मचारियों का स्वास्थ्य भी बेहतर होगा। साथ ही डिजिटल संचालन व आर्थिक गतिविधियां बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगी।

दूसरी ओर, आईटी उद्योग की संस्था नैसकॉम ने सोमवार को कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियां घर से या मिलेजुले रूप से काम करने सहित विवेकपूर्ण प्रबंधन उपाय अपना रही हैं। संस्था ने एक बयान में कहा कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र स्थापित हाइब्रिड वर्क मॉडल पर काम कर रही हैं।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय