नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) भारत और ब्रिटेन के बीच बुधवार से लागू हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को ब्रिटेन की उच्चायुक्त लिंडी कैमरन ने व्यापार समझौतों का नया स्वर्ण यानी उत्कृष्टता का मापदंड बताते हुए कहा कि यह समझौता दुनिया को नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था प्रभावी होने का संदेश देता है।
आधिकारिक तौर पर ‘समग्र आर्थिक एवं व्यापार समझौता’ (सीईटीए) नाम से जाना जाने वाला यह समझौता भारत के लगभग 99 प्रतिशत निर्यात के लिए ब्रिटेन में शून्य-शुल्क बाजार पहुंच सुनिश्चित करता है।
कैमरन ने इस समझौते के क्रियान्वयन के मौके पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि भारत और ब्रिटेन ने दो वैश्विक आर्थिक महाशक्तियों की संयुक्त आर्थिक शक्ति को साकार किया है।
उन्होंने कहा कि यह समझौता दुनिया को यह संदेश देता है कि नियम-आधारित व्यवस्था प्रभावी है, और यह व्यापार समझौतों का नया ‘स्वर्ण’ मापदंड है।
उन्होंने इसे भविष्य के व्यापार समझौतों के लिए एक ‘मानक’ और ‘प्रभाव वर्द्धक’ भी करार दिया।
इस समझौते से कपड़ा, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद, समुद्री उत्पाद, रसायन और प्रसंस्कृत खाद्य जैसे क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही एक द्विपक्षीय सामाजिक सुरक्षा समझौता भी लागू किया गया है।
ब्रिटिश उच्चायुक्त ने इस समझौते के क्षेत्रवार प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि इस समझौते से कई क्षेत्रों को व्यापक लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि स्कॉच व्हिस्की पर आयात शुल्क 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।
इसके अलावा, प्रीमियम ब्रिटिश कारों पर आयात शुल्क भी 110 प्रतिशत से अधिक के स्तर से घटकर 10 प्रतिशत तक आने की प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं के लिए प्रतिष्ठित ब्रिटिश कारें सस्ती होंगी।
इस बीच, दक्षिण एशिया के लिए ब्रिटेन के व्यापार आयुक्त हरजिंदर कंग ने कहा कि नए व्यापारिक प्रावधानों के तहत अब दोनों देशों के बीच वस्तुओं एवं सेवाओं का आदान-प्रदान शुरू हो गया है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 60 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक ले जाने में मदद करेगा।
कंग ने कहा कि इस समझौते से दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए ठोस लाभ सामने आएंगे और व्यापार क्षमता में लगभग 25 अरब पाउंड की बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने वित्तीय सेवा क्षेत्र, खासकर मुंबई, को इससे लाभान्वित होने वाला प्रमुख क्षेत्र बताया।
उन्होंने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों का इस समझौते पर असर नहीं पड़ेगा और यह कारोबारियों को आवश्यक स्थिरता एवं स्पष्टता प्रदान करेगा।
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प्रेम अजय
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