सीबीडीसी आधारित राशन योजना को और राज्यों में बढ़ाने की तैयारी

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सीबीडीसी आधारित राशन योजना को और राज्यों में बढ़ाने की तैयारी

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  • Publish Date - May 3, 2026 / 08:20 PM IST,
    Updated On - May 3, 2026 / 08:20 PM IST

(लक्ष्मी देवी ऐरे)

नयी दिल्ली, तीन मई (भाषा) सरकार केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) आधारित खाद्य सब्सिडी कार्यक्रम का विस्तार जून तक चंडीगढ़, दादरा एवं नागर हवेली तथा दमन और दीव तक करने की योजना बना रही है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों के अनुसार, यह योजना फिलहाल गुजरात और पुडुचेरी में प्रायोगिक आधार पर लागू है।

इस योजना के तहत लाभार्थियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मिलने वाला खाद्यान्न अब भौतिक रूप में लेने के बजाय ‘डिजिटल टोकन’ के रूप में प्रदान किया जाता है। यह टोकन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) व्यवस्था के माध्यम से जारी किए गए एक डिजिटल वॉलेट में जमा रहता है।

सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “यदि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो इस पहल से सब्सिडी में लगभग चार से पांच प्रतिशत तक की बचत हो सकती है, साथ ही वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी, लक्षित और कुशल बनेगी। यह खाद्य सब्सिडी वितरण की व्यवस्था में एक क्रांतिकारी सुधार साबित हो सकता है।”

यह कदम मौजूदा वितरण प्रणाली की एक लंबे समय से चली आ रही कमी को दूर करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है, जिसमें अक्सर लाभार्थियों को महीने के अंत में राशन दुकान पर पहुंचने पर भंडार की कमी का सामना करना पड़ता है या उन्हें उनका पूरा हक नहीं मिल पाता, जिससे वे काफी हद तक डीलर पर निर्भर हो जाते हैं और उनके पास विकल्प भी सीमित रहते हैं।

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा को इस संदर्भ में मध्य मार्ग के रूप में देखा जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी और गारंटी प्राप्त यह डिजिटल मुद्रा सामान्य मुद्रा के समान वैधानिक दर्जा रखती है, लेकिन इसे विशेष उद्देश्य के लिए निर्धारित किया जा सकता है, जैसे गेहूं और चावल की खरीद।

यह डिजिटल टोकन कूपन की तरह काम करता है। लाभार्थी इसे राशन दुकान या अधिकृत केंद्र पर भुना सकते हैं, जबकि यह गैर-स्वीकृत वस्तुओं की खरीद को रोकता है।

लाभार्थियों की सुविधा के लिए स्मार्टफोन उपयोगकर्ता डिजिटल वॉलेट का उपयोग कर सकते हैं।

प्रायोगिक योजना में टोकन की वैधता एक महीने की रखी गई है, जिसे जरूरत के अनुसार बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार इसे अधिकतम तीन महीने तक बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है।

सूत्रों ने कहा कि इस योजना से राशन डीलरों को भी फायदा होगा। वर्तमान व्यवस्था में भुगतान में देरी होती है, जबकि सीबीडीसी मॉडल में हर लेनदेन के साथ भुगतान सीधे डीलर के वॉलेट में पहुंच जाएगा।

भाषा

योगेश रंजन

रंजन

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