प्रतिस्पर्धा आयोग ने गो डिजिट इन्फोवर्क्स के गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस में विलय को दी मंजूरी

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प्रतिस्पर्धा आयोग ने गो डिजिट इन्फोवर्क्स के गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस में विलय को दी मंजूरी

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  • Publish Date - July 28, 2026 / 08:03 PM IST,
    Updated On - July 28, 2026 / 08:03 PM IST

नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने मंगलवार को गो डिजिट इन्फोवर्क्स सर्विसेज प्राइवेट लि. के गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस लि. में विलय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

सीसीआई ने बयान में कहा कि प्रस्तावित सौदे के तहत गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस की होल्डिंग कंपनी गो डिजिट इन्फोवर्क्स सर्विसेज का विलय बीमा कंपनी में किया जाएगा। विलय के बाद गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस ही अस्तित्व में रहेगी।

गो डिजिट इन्फोवर्क्स भारत या विदेश में किसी बाजार-आधारित कारोबारी गतिविधि में शामिल नहीं है, जबकि गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस भारत में साधारण और स्वास्थ्य बीमा से जुड़े विभिन्न उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध कराती है। कंपनी का मुख्य ध्यान साधारण बीमा कारोबार पर है।

सीसीआई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘आयोग ने गो डिजिट इन्फोवर्क्स सर्विसेज प्राइवेट लि. के गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड में विलय को मंजूरी दे दी है।’’

सौदा पूरा होने के बाद एफएएल कॉरपोरेशन की गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस लि. में 57.28 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।

एफएएल कनाडा स्थित फेयरफैक्स समूह का हिस्सा है, जो संपत्ति एवं दायित्व संबंधी बीमा, पुनर्बीमा और निवेश प्रबंधन के क्षेत्र में काम करता है। इस समूह का नेतृत्व अरबपति कारोबारी प्रेम वत्स के पास है।

गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस ने दिसंबर, 2025 में घोषणा की थी कि उसके निदेशक मंडल ने होल्डिंग कंपनी गो डिजिट इन्फोवर्क्स सर्विसेज के कंपनी में विलय के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

एक अन्य आदेश में सीसीआई ने ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट लि. द्वारा ऑकट्री कैपिटल ग्रुप होल्डिंग्स एलपी और ऑकट्री इक्विटी प्लान एलपी की इकाइयों के अधिग्रहण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।

भाषा रमण अजय

अजय