नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) टाटा संस के कार्यकारी चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 158.66 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक मिला, जबकि एक साल पहले यह 155.81 करोड़ रुपये था। कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
चंद्रशेखरन को मिला यह अब तक का सर्वाधिक पारिश्रमिक है। टाटा संस ने 2022 से कार्यकारी पारिश्रमिक का खुलासा करना शुरू किया है। पिछले पांच वर्षों में उन्होंने कुल 671.4 करोड़ रुपये कमाए हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 के उनके पारिश्रमिक में 17.97 करोड़ रुपये वेतन एवं अन्य लाभ के हैं, जबकि 140.69 करोड़ रुपये मुनाफे से जुड़ा कमीशन रहा, जो वित्त वर्ष 2024-25 के बराबर है।
इस पारिश्रमिक के साथ चंद्रशेखरन भारत के सबसे अधिक वेतन पाने वाले कॉरपोरेट दिग्गजों में शामिल हो गए हैं।
एचसीएल टेक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सी. विजयकुमार को वित्त वर्ष 2025-26 में 176 करोड़ रुपये मिले, जबकि पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के सीईओ संदीप कालरा ने 2024-25 में 148 करोड़ रुपये कमाए थे। हीरो मोटोकॉर्प के कार्यकारी चेयरमैन पवन मुंजाल को 2025-26 में 122 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक मिला।
टाटा संस के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) और कार्यकारी निदेशक सौरभ अग्रवाल वित्त वर्ष 2025-26 में 33.69 करोड़ रुपये के पारिश्रमिक के साथ कंपनी में दूसरे सबसे अधिक वेतन पाने वाले अधिकारी रहे। इसमें 26 करोड़ रुपये का कमीशन भी शामिल है।
वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड के बाकी सात सदस्यों को बैठक में शामिल होने के शुल्क के अलावा कोई पारिश्रमिक नहीं मिला। वहीं निदेशक वेणु श्रीनिवासन ने टाटा संस के बोर्ड में शामिल होने के बाद से चली आ रही परंपरा के तहत इस बार भी कोई कमीशन नहीं लिया।
टाटा समूह की विभिन्न सूचीबद्ध कंपनियों में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली कंपनी टाटा संस के निदेशक मंडल ने 1,10,717 रुपये प्रति शेयर के लाभांश की सिफारिश की है, जिस पर शेयरधारकों की मंजूरी बाकी है।
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