नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) प्रतिस्पर्धा आयोग ने प्रिंट हार्डवेयर उत्पादों से जुड़े सामान की बिक्री और आपूर्ति में गलत व्यापार गतिविधियों के लिए प्रौद्योगिकी कंपनी एचपी इंडिया और उसके 16 पुनर्विक्रेताओं पर कुल 14.28 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
कंपनी और पुनर्विक्रेताओं को प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करने वाली गतिविधियों रोकने का भी निर्देश दिया गया है।
एचपी इंडिया पर 11.98 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जबकि 16 पुनर्विक्रेताओं पर कुल मिलाकर लगभग 2.30 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने सोमवार को बयान में कहा कि एचपी इंडिया और उसके पुनर्विक्रेताओं के अधिकारियों पर भी जुर्माना लगाया गया है।
नियामक ने कहा कि उन पर ‘प्रिंट हार्डवेयर’ उत्पादों के साथ इस्तेमाल होने वाले टोनर, कार्ट्रिज और अन्य सामान की बिक्री और आपूर्ति में साठगांठ में शामिल होने के लिए जुर्माना लगाया गया है।
यह फैसला स्वत: संज्ञान आधार पर लिये गये मामले में आया है। इस मामले को नियामक ने 2020 में लिया था।
सीसीआई के अनुसार, एचपी इंडिया ने प्रतिस्पर्धा नियमों का उल्लंघन करते हुए इन पुनर्विक्रेताओं के बीच साठगांठ की व्यवस्था में मुख्य भूमिका निभाई।
बयान के अनुसार, ये 16 इकाई… डीडी एंटरप्राइजेज, एसेंट इन्फॉर्मेशन, केपी एंटरप्राइजेज, ब्राइटेक्स एंटरप्राइजेज, अलंकार डिस्ट्रीब्यूटर्स, विजय स्टेशनरी मार्ट, जीआर एंटरप्राइजेज, परफेक्ट इनोवेटिव, खंडेलवाल ट्रेडर्स, ए स्क्वायर टेक्नोलॉजीज, इनोवेटिव सॉल्यूशंस, पायनियर टेक्नोलॉजीज, डेल्फी इंफो-सॉल्यूशंस, शक्ति मार्केटिंग, इंटरनेशनल कंप्यूटर रिसोर्सेज और आर्म्स पेरिफेरल्स…हैं।
भाषा रमण अजय
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