शह मात The Big Debate: शोर-शराबे का एजेंडा सेट.. पहला दिन हंगामे की भेंट! विपक्ष ने उठाय राम मंदिर चंदा चोरी का मुद्दा, जरुरी सवाल और जवाब के लिए सदन क्यों एक नहीं?

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  • Publish Date - July 13, 2026 / 11:55 PM IST,
    Updated On - July 13, 2026 / 11:55 PM IST

CG Vidhan Sabha Monsoon Session 2026/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • 13 जुलाई सोमवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र की शुरूआत हुई।
  • दिवंगत पंडवानी गायिका पद्म विभूषण तीजन बाई को श्रद्धांजलि दी गई।
  • विपक्ष ने राम मंदिर चंदा चोरी मुद्दे पर जमकर हंगामा किया।

CG Vidhan Sabha Monsoon Session 2026: रायपुर: 13 जुलाई सोमवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र की शुरूआत हुई। पहले दिन सबसे पहले दिवंगत पंडवानी गायिका पद्म विभूषण तीजन बाई को श्रद्धांजलि दी गई, फिर कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने राम मंदिर चंदा चोरी मुद्दे पर जमकर हंगामा किया। नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत समेत कांग्रेसी विधायकों ने सदन में चंदा चोरी के पोस्टर के साथ पहुंचकर आरोप लगाया कि ये सरासर रामभक्तों की आस्था से धोखा है। विषय पर कांग्रेस के स्थगन प्रस्ताव को विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ से संबंधित ना होने का हवाला देकर अस्वीकार कर दिया। जिसपर शुरू हंगामे के चलते 5 मिनट के लिए कार्यवाही को स्थगित किया गया, कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही, राम मंदिर मुद्दे पर फिर सत्ता पक्ष-विपक्ष में नारेबाजी जारी रही। पूर्व CM भूपेश बघेल का सीधा आरोप है कि छत्तीसगढ़ के लोगों ने भी राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया जिस पर डकैती पड़ गई।

इसके अलावा प्रश्नकाल में BJP विधायक लता उसेंडी ने कोंडागांव स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में BEd, DEd कोर्स संचालित ना होने और रिक्त पदों का मुद्दा उठाया। (CG Vidhan Sabha Monsoon Session 2026) उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब दिया- टास्क फोर्स गठित की है, 13 कॉलेजोें में जल्द कोर्स शुरू हो सकते हैं।

CG Vidhan Sabha Monsoon Session 2026: सत्र के दूसरे दिन, 14 जुुलाई मंगलवार को, कांग्रेस सरकार के खिलाफ- कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्या, नकटी भूमि विवाद, बिजली-पानी संकट, सड़क और मानसून के दौरान अव्यवस्था को लेकर अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। सवाल ये कि महज 5 दिनों के सत्र में, पहला दिन राम मंदिर मुद्दे पर नारेबाजी और हंगामे की भेंट चढ़ गया। दूसरा दिन अविश्वास प्रस्ताव पर हंगामे-बहस-स्थगन वाला होने के पूरे आसार हैं, तो फिर जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार से सीधे जवाब कब लिए जाएंगे- इसी सत्र में पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने 1,033 प्रश्न लगाए हैं।

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