मुंबई, 13 जुलाई (भाषा) पश्चिम एशिया में हाल ही में बढ़े तनाव के बावजूद, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के निवेश के भारत में धीरे-धीरे वापस आने की उम्मीद है और एनएसई का बेंचमार्क सूचकांक निफ्टी एक साल में 10 प्रतिशत बढ़कर 26,500 अंक पर पहुंच सकता है। एक अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म ने सोमवार को यह जानकारी दी।
गोल्डमैन सैक्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘‘विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दौर शायद खत्म हो चुका है और घरेलू अर्थव्यवस्था के बेहतर परिदृश्य तथा विदेशी निवेशकों की कम हिस्सेदारी के कारण बाजार धारणा में धीरे-धीरे सुधार आ सकता है।’’
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 की पहली छमाही में भारत को विदेशी निवेशकों के लिए कोष जमा करने वाले बाजार की तरह इस्तेमाल किया गया, जिसके चलते तीन महीने से कुछ अधिक समय में रिकॉर्ड 30 अरब डॉलर की निकासी हुई। हालांकि, जून के मध्य से विदेशी निवेशक शुद्ध खरीदार बन गए हैं और उन्होंने भारतीय बाजार में करीब दो अरब डॉलर का निवेश किया है।
इसमें कहा गया कि विदेशी निवेशकों की खरीदारी मुख्य रूप से वित्तीय क्षेत्र में देखने को मिली है। भारतीय शेयरों में विदेशी कोषों की हिस्सेदारी कम होने के कारण उनके पास अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की पर्याप्त गुंजाइश मौजूद है।
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यासिर अजय
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