चंडीगढ़, 12 अगस्त (भाषा) चंडीगढ़ 14 अगस्त को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के लिए सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) — डिजिटल रुपया (ई-रुपी) पेश करने जा रहा है।
यहां जारी एक सरकारी बयान के अनुसार, यह पहल कल्याणकारी योजनाओं के लाभ पहुंचाने — सब्सिडी वाले अनाज के हाजिर वितरण से लेकर प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और अब सीबीडीसी के जरिये खास मकसद के लिए डिजिटल डिलिवरी तक के तरीके में अगला कदम है।
बयान में कहा गया, ‘‘डिजिटल रुपये का इस्तेमाल करके खास तौर पर कल्याणकारी लाभ पहुंचाने की कोशिशों के तहत गुजरात, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में सीबीडीसी प्रायोगिक परियोजना शुरू की गई थी। इसी प्रायोगिक परियोजना को आगे बढ़ाते हुए चंडीगढ़ देश का पहला केंद्र शासित प्रदेश होगा जो पीएमजीकेएवाई लाभार्थियों के लिए खाद्य सब्सिडी को सीबीडीसी-आधारित डीबीटी को पूरी तरह से लागू करेगा।’’
डिजिटल रुपया, या ई-रुपी, भारतीय रुपये का एक टोकन वाला डिजिटल संस्करण है, जिसे भारतीय रिजर्व बैंक ने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी के तौर पर जारी किया है। सीबीडीसी पीएमजीकेएवाई लाभार्थियों के लिए सुरक्षित, तुरंत, निगरानी योग्य और प्रोग्राम करने योग्य डिजिटल नकदी प्रणाली देकर डीबीटी पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर बनाने का मौका देता है।
चंडीगढ़ सितंबर, 2015 में खाद्य सब्सिडी के लिए डीबीटी मॉडल लागू करने वाले शुरुआती शहरों में से एक था, जिसमें सब्सिडी वाले अनाज के भौतिक वितरण से हटकर हकदार परिवारों के आधार-संबद्ध बैंक खातों में सीधे सब्सिडी अंतरण करने की व्यवस्था अपनाई गई थी।
भाषा राजेश राजेश अजय
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