बीजिंग, 22 जून (एपी) चीन ने अमेरिकी प्रतिबंधों के जवाब में 10 अमेरिकी सैन्य-संबंधित कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की सोमवार को घोषणा की। यह कदम अमेरिका के कुछ प्रमुख चीनी प्रौद्योगिकी कंपनियों को रक्षा अनुबंधों से बाहर करने के निर्णय के बाद उठाया गया है।
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, चीन की कंपनियों को इन 10 कंपनियों को ‘‘दोहरे उपयोग’’ (डुअल-यूज़) की वस्तुओं के निर्यात से रोका जाएगा। इनमें सैन्य ड्रोन बनाने वाली कंपनियां और दुर्लभ खनिजों से जुड़ी कुछ कंपनियां शामिल हैं।
‘‘दोहरे उपयोग’’ से तात्पर्य ऐसे सामानों से है जिनका उपयोग सैन्य और गैर-सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
मंत्रालय ने कहा कि यह निर्यात प्रतिबंध चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए और अमेरिकी सरकार द्वारा ‘‘कथित चीनी सैन्य कंपनियों की सूची’’ के गलत विस्तार के जवाब में लगाया गया है।
इन 10 कंपनियों में कैलिफोर्निया के सिमी वैली स्थित एविओएक्स; यूटा के साउथ साल्ट लेक स्थित रेड कैट होल्डिंग्स तथा टील ड्रोन्स; यूटा के स्प्रिंगविल स्थित आईएमएसएआर; रोड आइलैंड के ब्रिस्टल स्थित जाइया रोबोटिक्स; कोलोराडो के ब्रूमफील्ड स्थित बॉल एयरोस्पेस एंड टेक्नोलॉजीज; विस्कॉन्सिन के ओशकोश स्थित ओशकोश डिफेंस; वर्जीनिया के नॉरफॉक स्थित एल3हैरिस मैरीटाइम सर्विसेज; लास वेगास स्थित एमपी मटेरियल्स और ओक्लाहोमा के स्टिलवॉटर स्थित यूएसए रेयर अर्थ शामिल हैं।
आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने कहा है कि अलग से सरकारी संस्थाओं को 46 अमेरिकी कंपनियों (जिनमें लॉकहीड मार्टिन और रेथियॉन मिसाइल्स एंड डिफेंस शामिल हैं) के उत्पाद खरीदने से प्रतिबंधित किया जाएगा।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने इस महीने की शुरुआत में अलीबाबा और बाइडू सहित कई प्रौद्योगिकी कंपनियों को उन कंपनियों की सूची में शामिल किया था, जिनके बारे में उसका कहना है कि उनके चीनी सेना से संबंध हैं। बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कंपनी बाइडू ने इस आरोप को ‘‘पूरी तरह निराधार’’ बताया है।
वाणिज्य मंत्रालय ने उस समय कहा था कि ये प्रतिबंध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मई में चीन यात्रा के दौरान उनकी चीन के नेता शी चिनफिंग के साथ बनी सहमति के विपरीत हैं।
मंत्रालय ने सोमवार की घोषणा में कहा कि किसी अन्य देशों की कंपनियों या लोगों को चीन द्वारा प्रतिबंधित अमेरिकी कंपनियों तक दोहरे उपयोग (डुअल-यूज़) वस्तुओं के हस्तांतरण की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, यह भी कहा गया कि चीन की कंपनियां उन वस्तुओं के निर्यात की अनुमति के लिए आवेदन कर सकती हैं, जो ‘‘वास्तव में आवश्यक’’ हों।
एपी निहारिका
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