चीनी संघों ने संस्थागत खरीदारों, व्यापारियों से घबराहट में लिवाली से बचने की अपील की

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चीनी संघों ने संस्थागत खरीदारों, व्यापारियों से घबराहट में लिवाली से बचने की अपील की

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  • Publish Date - July 17, 2026 / 09:06 PM IST,
    Updated On - July 17, 2026 / 09:06 PM IST

नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) चीनी उद्योग निकाय इस्मा और एनएफसीएसएफ ने शुक्रवार को कहा कि देश में चीनी का पर्याप्त भंडार है और उन्होंने संस्थागत खरीदारों के साथ-साथ थोक और खुदरा व्यापारियों से हाल में मूल्य वृद्धि के बीच ‘सट्टा लिवाली’ से परहेज करने को कहा।

एक संयुक्त बयान में, ‘इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन’ (इस्मा) और नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड (एनएफसीएसएफ) ने सभी अंशधारकों को आश्वासन दिया कि ‘‘भारत में चीनी की उपलब्धता पर्याप्त बनी हुई है और देश में घरेलू खपत आवश्यकताओं को आसानी से पूरा करने के लिए पर्याप्त चीनी का स्टॉक है।’’

उन्होंने कहा कि घरेलू चीनी बाजार में घबराहटपूर्ण लिवाली या सट्टा कारोबार का कोई औचित्य नहीं है।

इस्मा और एनएफसीएसएफ ने व्यापारियों, थोक विक्रेताओं, संस्थागत खरीदारों, खुदरा विक्रेताओं और बाजार सहभागियों सहित सभी अंशधारकों से चीनी उपलब्धता के संबंध में सट्टा खरीद, जमाखोरी या भ्रामक जानकारी फैलाने से बचने के लिए कहा।

दोनों संघों ने कहा कि वे चीनी की निरंतर और पर्याप्त आपूर्ति, सभी क्षेत्रों में समय पर उपलब्धता और बाजार स्थिरता बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

मई में, भारत ने तत्काल प्रभाव से इस साल 30 सितंबर तक चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया। इस कदम का उद्देश्य घरेलू उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों पर नियंत्रण रखना था।

सरकार ने सितंबर में समाप्त होने वाले विपणन वर्ष 2025-26 के लिए लगभग 16 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी है।

इस्मा ने एथनॉल के लिए उपयोग के बाद विपणन वर्ष 2025-26 में कुल उत्पादन 2.93 करोड़ टन होने का अनुमान लगाया है, जो 2024-25 में दर्ज 2 करोड़ 61.2 लाख टन से अधिक है।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण