जलवायु एजेंडे का इस्तेमाल व्यापार, निवेश सहयोग पर अंकुश लगाने के लिए न हो: मंत्री
जलवायु एजेंडे का इस्तेमाल व्यापार, निवेश सहयोग पर अंकुश लगाने के लिए न हो: मंत्री
नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) भारत ने आगाह किया कि विश्व मंच पर जलवायु एजेंडे का इस्तेमाल व्यापार और निवेश सहयोग पर अंकुश लगाने वाले कदम पेश करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्यों की 22वीं मंत्री स्तरीय बैठक में यह बात कही। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में 27 सितंबर को विदेशी आर्थिक तथा विदेशी व्यापार गतिविधियों से संबंधित एससीओ की यह बैठक हुई।
पटेल ने डिजिटल विभाजन के अंतर को पाटने के लिए डिजिटलीकरण के महत्व पर भी जोर दिया।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, ‘‘ उन्होंने आगाह किया कि विश्व मंच पर जलवायु एजेंडे का इस्तेमाल व्यापार तथा निवेश सहयोग पर अंकुश लगाने वाले उपायों को पेश करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। ’’
यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यूरोपीय संघ ने कार्बन उत्सर्जन कम करने के नाम पर धातु जैसे कुछ क्षेत्रों पर कार्बन कर लगाने का फैसला किया है। भारत जैसे विकासशील देशों ने इसको लेकर चिंता जाहिर की है।
मंत्री ने पारस्परिक रूप से लाभप्रद, संतुलित और न्यायसंगत विकास के लिए एससीओ क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों का इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया।
एससीओ क्षेत्र में वैश्विक आबादी का 40 प्रतिशत और वैश्विक अर्थव्यवस्था का 30 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए एससीओ क्षेत्र के भीतर व्यापार बढ़ाने की महत्वपूर्ण संभावना है।
भाषा निहारिका रमण
रमण

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