नयी दिल्ली, दो मार्च (भाषा) फ्रांस की विशाल पोत परिवहन कंपनी सीएमए-सीजीएम ने अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण उत्पन्न सुरक्षा जोखिमों का हवाला देते हुए पश्चिम एशिया और निकटवर्ती समुद्री क्षेत्रों से गुजरने वाले माल पर प्रति कंटेनर 2,000 से 4,000 डॉलर तक का ‘आपातकालीन संघर्ष अधिभार’ लगाया है। यह निर्णय दो मार्च से प्रभावी हो गया है।
यह अतिरिक्त शुल्क संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इराक, कुवैत, ओमान, कतर, यमन, बहरीन, जॉर्डन, मिस्र के ऐन सोखना बंदरगाह, जिबूती, इरिट्रिया और सूडान सहित 13 देशों की सभी बुकिंग पर लागू होगा।
कंपनी ने रविवार को जारी ग्राहक परामर्श में कहा, ‘ईरान और अरब प्रायद्वीप के घटनाक्रमों के बीच अपने चालक दल, पोतों और माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने को प्रभावित क्षेत्रों में परिचालन को सुरक्षित रखने के लिए ये एहतियाती उपाय किए गए हैं।’
इस व्यवधान का प्रभाव कंपनी के भारतीय परिचालन पर भी पड़ने की आशंका है, जहां सीएमए-सीजीएम 270 से अधिक अंतर्देशीय गंतव्यों तक ‘इंटरमॉडल’ परिवहन सेवाएं प्रदान करती है।
कंपनी जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी और न्हावा शेवा जैसे प्रमुख भारतीय बंदरगाहों पर आयात-निर्यात के विशाल प्रवाह का प्रबंधन करती है।
नियत शुल्क के अनुसार, 20 फुट के ड्राई कंटेनर पर 2,000 डॉलर, 40 फुट के ड्राई कंटेनर पर 3,000 डॉलर और प्रशीतित (रेफ्रिजेरेटेड) या विशिष्ट उपकरणों वाली इकाइयों पर 4,000 डॉलर का अधिभार देय होगा। यह सभी प्रकार के माल पर लागू होगा और अगली सूचना तक प्रभावी रहेगा।
इन नवीन शुल्कों से अनाज, कॉफी, चीनी और चावल जैसे कृषि उत्पादों सहित उन समस्त वस्तुओं का व्यापार प्रभावित होगा जिनमें कंपनी विशेषज्ञता रखती है। भाषा सुमित अजय
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