PM Modi on Middle East Tension: ‘वेस्ट एशिया में मौजूदा हालात हमारे लिए गहरी चिंता की बात’, मिडिल ईस्ट तनाव पर बोले प्रधानमंत्री मोदी, बताया समाधान का रास्ता

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PM Modi on Middle East Tension: 'वेस्ट एशिया में मौजूदा हालात हमारे लिए गहरी चिंता की बात', मिडिल ईस्ट तनाव पर बोले प्रधानमंत्री मोदी, बताया समाधान का रास्ता

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  • Publish Date - March 2, 2026 / 05:17 PM IST,
    Updated On - March 2, 2026 / 05:25 PM IST

PM Modi on Middle East Tension | Photo Credit: ANI

HIGHLIGHTS
  • भारत और कनाडा ने 2.6 अरब डॉलर का यूरेनियम आपूर्ति समझौता किया
  • वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य
  • रक्षा, शिक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग बढ़ाने की सहमति

नयी दिल्ली: PM Modi on Middle East Tension भारत और कनाडा ने सोमवार को यूरेनियम एवं महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति को लेकर अहम समझौतों पर हस्ताक्षर करने के साथ वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को जल्द अंतिम रूप देने पर भी सहमति बनी। दोनों नेताओं के बीच यहां हुई बातचीत के दौरान रक्षा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी, छोटे एवं मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टर (एसएमआर), शिक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया गया।

PM Modi on Middle East Tension प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत एवं कनाडा के द्विपक्षीय संबंध अब ‘नई ऊर्जा, आपसी विश्वास और सकारात्मकता’ से भरे हुए हैं। कनाडा 2.6 अरब डॉलर के यूरेनियम आपूर्ति समझौते के तहत भारत के असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र का समर्थन करेगा। मोदी ने कहा, “असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति पर ऐतिहासिक समझौता हुआ है। हम छोटे मॉड्यूलर और उन्नत रिएक्टरों पर भी साथ काम करेंगे।”

महत्वपूर्ण खनिजों पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) से स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और उन्नत विनिर्माण के लिए सुरक्षित आपूर्ति शृंखला को मजबूती मिलेगी। कनाडा के पास दुर्लभ खनिजों का बड़ा भंडार मौजूद है। दोनों पक्षों ने आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ को साझा एवं गंभीर चुनौती बताते हुए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘इन चुनौतियों के खिलाफ हमारा करीबी सहयोग वैश्विक शांति एवं स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।’’

मोदी और कार्नी ने बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर भी चर्चा की। मोदी ने कहा, “पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति हमारे लिए गंभीर चिंता का विषय है। भारत सभी विवादों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है और क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।” मोदी ने अपने प्रेस वक्तव्य में कहा कि भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार को वर्ष 2030 तक 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। यह फिलहाल लगभग 13 अरब डॉलर है।

उन्होंने कहा, “आर्थिक सहयोग की पूरी क्षमता हासिल करना हमारी प्राथमिकता है। इसलिए हमने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को जल्द अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है। इससे दोनों देशों में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।” उन्होंने बताया कि कनाडा के पेंशन कोष भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश कर चुके हैं जो भारत की आर्थिक वृद्धि की कहानी में व्यापक विश्वास को दर्शाता है।

रक्षा क्षेत्र में ‘भारत-कनाडा रक्षा संवाद’ स्थापित करने पर सहमति बनी। समुद्री क्षेत्र में निगरानी क्षमता और सैन्य आदान-प्रदान बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया। शिक्षा क्षेत्र में कृत्रिम मेधा, स्वास्थ्य, कृषि और नवाचार के क्षेत्र में विश्वविद्यालयों के बीच नई साझेदारियां होंगी तथा कनाडाई विश्वविद्यालय भारत में परिसर खोलेंगे। कार्नी ने रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी की घोषणा करते हुए कहा कि यह समझौते दोनों देशों के लिए दीर्घकालिक अवसर पैदा करेंगे।

उन्होंने कहा, “आज हम एक रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी की शुरुआत कर रहे हैं, जिसमें द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार को बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं। हमने महत्वपूर्ण खनिजों पर एक नई साझेदारी पर हस्ताक्षर किए हैं, जो विकास, प्रसंस्करण और स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन एवं उन्नत विनिर्माण के लिए सुरक्षित आपूर्ति शृंखला को समाहित करती है।” कार्नी ने कहा कि दोनों देश स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा कर रहे हैं, जिसमें पवन, सौर और हाइड्रोजन ऊर्जा के क्षेत्रों में साझेदारी का विस्तार शामिल है।

उन्होंने यूरेनियम आपूर्ति समझौते को स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक बताते हुए कहा, “एक ही पृथ्वी के तहत हुए ये सभी समझौते एक नए और समृद्ध संबंध की शुरुआत हैं, जो दोनों देशों के श्रमिकों और व्यवसायों के लिए पीढ़ीगत अवसर पैदा करेंगे और भविष्य की पीढ़ियों के लिए पृथ्वी की रक्षा करेंगे।” कनाडा के प्रधानमंत्री रविवार को नयी दिल्ली पहुंचे थे। इसके पहले वह मुंबई में थे जहां पर उन्होंने उद्योग जगत के दिग्गजों से मुलाकात की। भारत एवं कनाडा के संबंध 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर उपजे विवाद के बाद तनावपूर्ण हो गए थे। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में संबंध सामान्य बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं और दोनों देशों ने एक-दूसरे की राजधानियों में उच्चायुक्त तैनात कर दिए हैं।

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भारत और कनाडा के बीच नया समझौता किस क्षेत्र में हुआ है?

यूरेनियम आपूर्ति, महत्वपूर्ण खनिज, रक्षा, शिक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में समझौते हुए हैं।

द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य कितना रखा गया है?

दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक व्यापार को 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

यूरेनियम आपूर्ति समझौते का महत्व क्या है?

यह समझौता भारत के असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को दीर्घकालिक समर्थन देगा और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों पर सहयोग को बढ़ाएगा।