अमरावती, दो मार्च (भाषा) आंध्र प्रदेश अनिवासी तेलुगु सोसाइटी (एपीएनआरटीएस) ने खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले तेलुगु प्रवासियों को सलाह दी है कि वे ओमान के मस्कट तक जाएं और वहां से कोच्चि के लिए वापसी की उड़ानों के जरिए भारत लौट आएं।
अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए संयुक्त हमले के बाद शुरू युद्ध में आसपास के कई पड़ोसी अरब देश भी उलझ गए हैं, जहां लाखों भारतीय अपना जीवन यापन करते हैं।
एपीएनआरटीएस के अध्यक्ष रवि कुमार पी. वेमुरु ने कहा कि संस्था ने खाड़ी देशों में रहने वाले तेलुगु प्रवासियों को अपने वर्तमान स्थानों पर सुरक्षित रहने की सलाह दी है, साथ ही उन्होंने कहा कि फंसे हुए पर्यटक घबराए हुए हैं, खासकर वे लोग जो दुबई और ओमान में हैं।
वेमुरु ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मस्कट से उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। हम उन्हें मस्कट-कोच्चि की उड़ान के जरिए भारत वापस आने का निर्देश दे रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में रहने वाले तेलुगु भाषी लोग ठीक हैं, लेकिन अस्थायी पर्यटक घबराए हुए हैं।
उन्होंने कहा कि दोहा, दुबई और अबू धाबी के हवाई अड्डे फिलहाल बंद हैं, इसलिए मस्कट हवाई अड्डा ही एकमात्र उपलब्ध मार्ग है।
एपीएनआरटीएस अध्यक्ष ने हेल्पलाइन शुरू होने की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए तेलुगु प्रवासियों से परिवहन की व्यवस्था और अन्य मुद्दों को सुलझाने के बारे में नवीनतम जानकारी तथा सलाह के लेने के मकसद से संपर्क करने की अपील की।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि मदद के लिए स्थानीय तेलुगु भाषी लोगों के संपर्कों को आगंतुकों के साथ साझा किया जा रहा है और खाड़ी देशों में मौजूद लगभग 110 एपीएनआरटीएस समन्वयक शरण देने के इच्छुक हैं।
यह देखते हुए कि पश्चिम एशिया में 10 लाख तेलुगु भाषी लोग रहते हैं, वेमुरु ने कहा कि एपीएनआरटीएस को रविवार तक युद्धग्रस्त क्षेत्र से लगभग 30 कॉल प्राप्त हुए।
हालांकि, उन्हें खाड़ी क्षेत्र में इस समय फंसे पर्यटकों की संख्या की सटीक जानकारी नहीं है।
एपीएनआरटीएस को विदेश मंत्रालय (एमईए) से कोई दिशानिर्देश प्राप्त नहीं हुए लेकिन वेमुरु ने कहा कि उसे एक चेतावनी मिली है, जिसे सभी को प्रसारित कर दिया गया है।
एपीएनआरटीएस के अध्यक्ष के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विदेश मंत्रालय को कुछ निर्देश जारी किए हैं।
आंध्र प्रदेश के अनिवासी भारतीय (एनआरआई) सशक्तीकरण एवं संपर्क मंत्री के. श्रीनिवास ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार तनाव के कारण खाड़ी क्षेत्र में फंसे तेलुगु नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल उपाय कर रही है।
श्रीनिवास ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के मद्देनजर हम खाड़ी देशों में फंसे तेलुगु भाषी लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए उपाय कर रहे हैं।’’
भाषा यासिर माधव
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