कोल इंडिया का कोयला उत्पादन मई में 11.6 प्रतिशत घटकर 5.61 करोड़ टन

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कोल इंडिया का कोयला उत्पादन मई में 11.6 प्रतिशत घटकर 5.61 करोड़ टन

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  • Publish Date - June 1, 2026 / 02:15 PM IST,
    Updated On - June 1, 2026 / 02:15 PM IST

नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का कोयला उत्पादन मई में सालाना आधार पर 11.6 प्रतिशत घटकर 5.61 करोड़ टन रह गया, जबकि देश में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।

देश के कुल कोयला उत्पादन में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है।

कंपनी का कोयला उत्पादन मई, 2025 में 6.35 करोड़ टन रहा था।

सीआईएल ने सोमवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि उसकी अनुषंगी कंपनियों महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल), वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल), भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) और ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) का उत्पादन मई में घटा। हालांकि, कंपनी ने उत्पादन में गिरावट का कारण नहीं बताया।

वहीं साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के उत्पादन में मई में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

सीआईएल के अनुसार, अप्रैल-मई की अवधि में कोयला उत्पादन 10.6 प्रतिशत घटकर 11.22 करोड़ टन रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 12.56 करोड़ टन था।

उद्योग विश्लेषकों के अनुसार, यह गिरावट ऐसे समय में हुई है जब बिजली की मांग में तेज उछाल आया है जिससे बिजलीघरों में कोयले के भंडार पर दबाव बढ़ा है और घरेलू आपूर्ति सुरक्षा की चिंता बढ़ गई है।

कोल इंडिया की ग्राहकों को कोयला आपूर्ति हालांकि मई में 2.2 प्रतिशत बढ़कर 6.67 करोड़ टन हो गई।

अप्रैल-मई अवधि में कंपनी की बिक्री भी मामूली 0.9 प्रतिशत बढ़कर 13.09 करोड़ टन रही जो पिछले साल इसी अवधि में 12.98 करोड़ टन थी।

भारत की अधिकतम बिजली मांग 21 मई को 270.82 गीगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई जो 20 मई को बने 265.44 गीगावाट के पिछले रिकॉर्ड से अधिक है।

वित्त वर्ष 2025-26 में सीआईएल का उत्पादन 1.7 प्रतिशत घटकर 76.81 करोड़ टन रहा, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह 78.11 करोड़ टन था।

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कोयला आपूर्ति भी 2.4 प्रतिशत घटकर 74.48 करोड़ टन रह गई जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 76.3 करोड़ टन थी।

सीआईएल देश के बिजली क्षेत्र की मुख्य ईंधन आपूर्तिकर्ता है और तापीय बिजलीघरों के लिए आवश्यक अधिकांश कोयला उपलब्ध कराती है। ऊर्जा सुरक्षा में इसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, खासकर तब जब नवीकरणीय ऊर्जा के तेजी से बढ़ने के बावजूद भारत की लगभग 70 प्रतिशत बिजली उत्पादन अभी भी कोयले पर निर्भर है।

सीआईएल आठ प्रमुख पूर्ण स्वामित्व वाली उत्पादन अनुषंगी कंपनियों, एक योजना/परामर्श इकाई और मोजाम्बिक में एक विदेशी अनुषंगी कंपनी के माध्यम से काम करती है।

भाषा निहारिका अजय

अजय