नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) वाणिज्य मंत्रालय ने उद्योग और निर्यातकों से अमेरिकी बाजार तक पहुंच से जुड़ी चिंताओं की जानकारी साझा करने को कहा है, ताकि इन मुद्दों को अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष उठाया जा सके। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि कुछ निर्यातकों ने बैठक के दौरान शुल्क संबंधी अनिश्चितता कम करने के लिए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने का आग्रह किया।
बैठक की अध्यक्षता वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन ने की।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की सितंबर के अंत में प्रस्तावित अमेरिका यात्रा को देखते हुए यह बैठक महत्वपूर्ण है। गोयल मिलवॉकी में जी-20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के साथ अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जेमीसन ग्रीर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यह दो-दिवसीय बैठक 30 सितंबर से शुरू होगी।
इसके अलावा, गोयल के अगले महीने शिकॉगो में एक कारोबारी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने की भी संभावना है।
एक निर्यातक ने कहा कि अमेरिका से ऑर्डर मिल रहे हैं, लेकिन उनकी मात्रा में गिरावट आई है। शुल्क को लेकर अनिश्चितता के कारण अमेरिकी खरीदार बड़े या दीर्घकालिक ऑर्डर देने से बच रहे हैं और आयात के लिए अपने स्रोतों में विविधता ला रहे हैं।
उद्योग जगत ने क्वार्ट्ज से बनी कृत्रिम पत्थर की सतहों पर अमेरिका द्वारा लगाए गए सुरक्षा उपायों को लेकर भी चिंता जताई और वाणिज्य मंत्रालय से यह मुद्दा अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष उठाने का आग्रह किया।
बैठक में दवा, इंजीनियरिंग, कपड़ा, कृषि, रसायन, समुद्री उत्पाद, चमड़ा, वाहन एवं वाहन कलपुर्जे, हस्तशिल्प और प्लास्टिक समेत विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
उद्योग मंडल सीआईआई, फिक्की, एसोचैम और निर्यातकों के शीर्ष संगठन फियो के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।
भारत और अमेरिका लंबे समय से द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत कर रहे हैं। दोनों देशों ने फरवरी में समझौते के पहले चरण की रूपरेखा को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी, लेकिन अमेरिका की शुल्क नीति में बदलाव के कारण बातचीत अब भी जारी है।
भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में अमेरिका को 87.31 अरब डॉलर का निर्यात किया, जो एक साल पहले के 86.51 अरब डॉलर से थोड़ा अधिक है। इस दौरान आयात 17.16 प्रतिशत बढ़कर 53.45 अरब डॉलर हो गया।
चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों (अप्रैल-जुलाई) में अमेरिका को भारत का निर्यात तीन प्रतिशत बढ़कर 34.5 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 22.42 प्रतिशत बढ़कर 22.12 अरब डॉलर हो गया।
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प्रेम अजय
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