लखनऊ, एक सितंबर (भाषा) कांग्रेस प्रवक्ता के साथ एक टेलीविजन चैनल पर लाइव बहस के दौरान कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी देने के आरोपों में घिरे अयोध्या के महंत राजू दास ने मंगलवार को कहा कि उनका निषाद समुदाय का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था और उनका बयान निजी बहस का नतीजा था।
महंत राजू दास ने एक बयान जारी कर कहा, ‘‘मेरा निषाद समुदाय का अपमान करने का इरादा नहीं था। बयान निजी बहस का नतीजा था। टीवी बहस के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता को लेकर सोशल मीडिया पर झूठे विमर्श फैलाए जा रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं भगवान राम के मित्र निषादराज के वंशजों का अपमान नहीं कर सकता। मुझे पता नहीं था कि कांग्रेस प्रवक्ता निषाद समुदाय से हैं।’’
महंत ने दावा किया कि सभ्य तरीके से चल रही बहस में कांग्रेस प्रवक्ता ने ही अभद्रता शुरू की और उन्हें जूता दिखाया। उन्होंने दोहराया कि उनका विवाद कांग्रेस प्रवक्ता से था, जिन्होंने निजी तौर पर मामले को जातीय रंग देने की कोशिश की।
इस घटना के बाद कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई ने 25 अगस्त को घोषणा की थी कि उसके कोई भी प्रवक्ता उन टीवी चैनलों की बहस में शामिल नहीं होंगे, जहां हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी राजू दास पैनलिस्ट के रूप में मौजूद होंगे।
कांग्रेस ने कार्यक्रम की मूल रिकॉर्डिंग, वीडियो फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। पार्टी ने कहा था कि आरोप सही पाए जाने पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
पार्टी ने अपने बयान में आरोप लगाया था कि राजू दास ने निषाद समुदाय के खिलाफ अश्लील और गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल किया, जिसमें उनकी मां को गाली देना और धमकी देना शामिल है।
कांग्रेस ने कहा था कि राजनीतिक मतभेदों का समाधान तर्कों से होना चाहिए, न कि निजी गाली-गलौज या धमकियों से।
यह विवाद अयोध्या में निषाद समुदाय के एक कार्यक्रम में कथित मछली भोज को लेकर पैदा हुए राजनीतिक विवाद के बीच उठा।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कथित मछली भोज को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि सावन के पवित्र महीने में राय ने अयोध्या में मछली भोज में शामिल होकर भगवान राम और सनातन का अपमान किया।
वहीं, कांग्रेस का कहना है कि इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि उसके प्रदेश अध्यक्ष ने मछली खाई थी। पार्टी ने राय के शाकाहारी होने का दावा किया था।
राय ने आदित्यनाथ को चुनौती दी थी कि वह उन्हें मछली खाते हुए या उस स्थान पर मौजूद होने की तस्वीर या वीडियो पेश करें, जहां मछली पकाई जा रही थी। उन्होंने कहा था कि यदि ऐसा कोई सबूत पेश किया गया तो वह माफी मांगने के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे देंगे।
भाषा
आनन्द रवि कांत