एंटीलिया बम धमकी मामला: सचिन वाजे का दावा ‘केंद्र की मंजूरी के बिना एनआईए ने जांच शुरू की’

Ads

एंटीलिया बम धमकी मामला: सचिन वाजे का दावा ‘केंद्र की मंजूरी के बिना एनआईए ने जांच शुरू की’

  •  
  • Publish Date - September 1, 2026 / 09:06 PM IST,
    Updated On - September 1, 2026 / 09:06 PM IST

मुंबई, एक सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र पुलिस से बर्खास्त अधिकारी सचिन वाजे ने एंटीलिया बम धमकी मामले और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की जांच को ‘‘अवैध’’ बताया और दावा किया कि जांच केंद्र सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना शुरू की गई थी।

वाजे ने एनआईए की विशेष अदालत में दायर एक याचिका में मुकदमे की सुनवाई शुरू होने से पहले स्टेशन डायरी अदालत के रिकॉर्ड पर मंगाने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया।

पूर्व पुलिसकर्मी ने अभियोजन पक्ष की गवाह सूची में विसंगतियों का भी दावा किया।

वाजे ने कहा कि कुछ लोगों के नाम दर्ज और गैर-दर्ज बयानों की श्रेणियों में दोनों जगह शामिल हैं, जबकि कई अधिकारियों के नाम सूची में नहीं दिए गए हैं।

वाजे ने कहा कि कानून के तहत जरूरी केंद्र सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना एनआईए ने मामले में ‘‘अनधिकृत और अवैध’’ जांच शुरू की।

पूर्व पुलिसकर्मी ने कहा कि पांच साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कथित वास्तविक पीड़ितों में से कोई भी अब तक सामने नहीं आया है और ना ही यह कहा कि उन्हें कोई धमकी मिली थी या ‘‘किसी गुमनाम व धमकी भरे पत्र के साथ-साथ ऐसे मामूली विस्फोटक पदार्थ से वास्तव में डराया गया था, जो विस्फोट करने में सक्षम भी नहीं था।’’

वाजे की याचिका में बताया गया, ‘‘यह उल्लेख करना भी महत्वपूर्ण है कि एनआईए के अनुसार और मामले में तय आरोपों के मुताबिक, पीड़ित मुकेश अंबानी और उनका परिवार हैं। जांच एजेंसी ने इस अदालत के समक्ष कहा है कि वह ‘जरूरत पड़ने पर मुकेश अंबानी और नीता अंबानी के बयान दर्ज कराने का अधिकार सुरक्षित रखती है।”

वाजे ने कहा कि स्टेशन डायरी थाने, शाखा या क्षेत्र में हुई सभी घटनाओं व अधिकारियों द्वारा किए गए विभिन्न कार्यों का कालानुक्रमिक एवं प्रामाणिक रिकॉर्ड होती है।

याचिका में बताया गया, ‘‘निष्पक्ष सुनवाई और सच्चाई सामने लाने के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में, मेरा ईमानदार प्रयास है कि इस मामले में उचित फैसला लेने के लिए समय पर स्टेशन डायरी की प्रविष्टियों का संदर्भ लेना जरूरी और उचित होगा।’’

उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि आगामी सुनवाई में पहले गवाह के बयान दर्ज होने से पहले स्टेशन डायरी को रिकॉर्ड पर मंगाया जाए।

विशेष अदालत ने पिछले महीने बर्खास्त पुलिसकर्मी सचिन वाजे और प्रदीप शर्मा समेत नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे, जिससे मामले में मुकदमे की राह साफ हो गई।

उद्योगपति मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित आवास ‘एंटीलिया’ के पास 25 फरवरी, 2021 को विस्फोटक से लदी एक एसयूवी बरामद हुई थी।

जिस वाहन में विस्फोटक थे, वह ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरेन का था।

हिरेन का श‍व पांच मार्च 2021 को एक खाड़ी से बरामद किया गया था।

भाषा जितेंद्र माधव

माधव