टीकाकरण के खुले कैंप लगाकर कंपनियां अस्पतालों को सहयोग दे सकतीं हैं: महिन्द्रा

टीकाकरण के खुले कैंप लगाकर कंपनियां अस्पतालों को सहयोग दे सकतीं हैं: महिन्द्रा

टीकाकरण के खुले कैंप लगाकर कंपनियां अस्पतालों को सहयोग दे सकतीं हैं: महिन्द्रा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:36 pm IST
Published Date: April 22, 2021 12:33 pm IST

नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) महिन्द्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिन्द्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि जब तक कंपनियों को कोविड-19 टीके की सीधे आपूर्ति मिलनी शुरू होती है तब तक वे खुले में टीकाकरण कैंप लगाकर अस्पतालों की मदद कर सकते हैं। इससे अस्पताल परिसरों में संक्रमण फैलने के जोखिम से बचा जा सकेगा।

महिन्द्रा समूह के चेयरमैन ने लगातार किये गये कई ट्वीट में खुले में लगाये जाने वाले इस प्रकार के टीकाकरण केन्द्रों से बड़ी संख्या में लोगों का टीकाकरण किया जा सकेगा वहीं इसका अस्पतालों की नियमित गतिविधियों पर भी बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘एक स्थानीय अस्पताल के डॉक्टर ने मुझसे स्थानीय क्लब के साथ मिलकर इस योजना के बारे में बताया। इसमें स्थानीय क्लबों की खुली जगह में टीकाकरण कैंप लगाये जा सकते हैं। इससे बड़ी संख्या में लोग टीका ले सकते हैं और अस्पतालों के नियमित कम में व्यवधान नहीं पड़ेगा।’’

महिन्द्रा ने कहा कि अस्पतालों में खुले स्थानों पर संक्रमण फैलने का खतरा कम होता है। ‘‘कंपनियों के पास महानगरों में खुले स्थान हैं वह भी टीकाकरण केन्द्र लगाने की उम्मीद कर रहे थे लेकिन अब उत्पादन स्तर बढ़ने तक टीका उत्पादक कंपनियां राज्यों और अस्पतालों को ही प्राथमिकता के साथ टीके की आपूर्ति कर रही है।’’

महिन्द्रा ने कहा कि जब तक कंपनियों को सीधे टीके की आपूर्ति उपलब्ध नहीं होती है तब तक ‘‘हम अस्पतालों को वित्तीय रूप से इस तरह के कैंप लगने में मदद कर सकते हैं।’

भारत इस समय कोरोना वायरस की भयानक दूसरी लहर के दौर से गुजर रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में देशभर में 3,14,835 नये कोरोना वायरस संक्रमण के मामले सामने आये हैं। किसी एक दिन में संक्रमितों की यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। इन्हें मिलाकर देश में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 1,59,30,965 तक पहुंच गया है। इस दौरान 2,104 लोगों की इस वायरस संक्रमण से मौत हुई। इसके साथ मरने इस संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा भी 1,84,657 तक पहुंच गया है।

भाषा

महाबीर मनोहर

मनोहर


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