एटीएम तक नकदी पहुंचाने वाली कंपनियों ने शुल्क बढ़ाने की मांग रखी

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एटीएम तक नकदी पहुंचाने वाली कंपनियों ने शुल्क बढ़ाने की मांग रखी

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  • Publish Date - May 26, 2026 / 06:06 PM IST,
    Updated On - May 26, 2026 / 06:06 PM IST

मुंबई, 26 मई (भाषा) ईंधन की कीमतों और श्रमिकों के वेतन में बढ़ोतरी होने से नकदी लॉजिस्टिक सेवा कंपनियों की परिचालन लागत 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है, जिसके बाद इस क्षेत्र ने बैंकों के एटीएम प्रबंधन शुल्क में बढ़ोतरी की मांग की है।

उद्योग निकाय ‘करेंसी साइकल एसोसिएशन’ (सीसीए) ने इस संबंध में भारतीय बैंक संघ (आईबीए) को पत्र लिखकर दरों के पुनर्निर्धारण की मांग की है।

सीसीए ने बयान में कहा कि नकदी लॉजिस्टिक क्षेत्र में परिचालन लागत तेजी से बढ़ रही है और ऐसे में बैंकों के साथ शुल्क संरचना में समय रहते संशोधन जरूरी हो गया है।

इस पत्र के मुताबिक, ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि से नकदी पहुंचाने वाली वैन के संचालन की लागत बढ़ी है, जबकि कई राज्यों में न्यूनतम वेतन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।

उद्योग निकाय के अनुसार, हरियाणा में अकुशल श्रमिकों का न्यूनतम वेतन लगभग 35 प्रतिशत बढ़ाकर 15,220 रुपये प्रति माह कर दिया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश में यह करीब 20 प्रतिशत बढ़कर 13,690 रुपये प्रति माह हो गया है।

इसके अलावा बीमा, प्रौद्योगिकी और अनुपालन से जुड़े वैधानिक खर्चों में भी वृद्धि हुई है, जिससे कुल लागत पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है।

सीसीए के महासचिव यू.एस. पालीवाल ने कहा कि मांग-आधारित एटीएम नकदी पूर्ति और मार्ग को सक्षम बनाने जैसे दक्षता उपाय अपनाए जा रहे हैं, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर लागत वृद्धि की भरपाई इनसे संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि अब अतिरिक्त लागत का बोझ उठाना टिकाऊ नहीं रह गया है और बैंकों के साथ शुल्क संरचना में समय पर संशोधन आवश्यक है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय