न्यायालय ने फ्रैंकलिन टेम्पलटन की छह म्यूचुअल फंड योजनाओं के निवेशकों का पैसा लौटाने को कहा

न्यायालय ने फ्रैंकलिन टेम्पलटन की छह म्यूचुअल फंड योजनाओं के निवेशकों का पैसा लौटाने को कहा

न्यायालय ने फ्रैंकलिन टेम्पलटन की छह म्यूचुअल फंड योजनाओं के निवेशकों का पैसा लौटाने को कहा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:16 pm IST
Published Date: February 2, 2021 3:15 pm IST

नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को म्यूचुअल फंड कंपनी फ्रैंकलिन टेम्पलटन की छह म्यूचुअल फंड योजनाओं के यूनिटधारकों को तीन सप्ताह के भीतर 9,122 करोड़ रुपये वितरित करने का आदेश दिया। इन योजनाओं को बंद करने का प्रस्ताव है।

न्यायाधीश एस ए नजीर और न्यायाधीश संजीव खन्ना की पीठ ने वीडियो कांफ्रेन्स के जरिये मामले की सुनवाई करते हुए एसबीआई (भारतीय स्टेट बैंक) म्यूचुअल फंड को यूनिटधारकों के बीच पैसे का वितरण करने की जिम्मेदारी दी है। न्यायालय के इस आदेश पर सभी पक्षों के वकीलों ने सहमति जतायी।

पीठ ने मामले से जुड़े पक्षों को यह छूट दी कि यूनिटधारकों को धन लौटाने या प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई होने की स्थिति में वे न्यायालय के पास आ सकते हैं।

फ्रैंकलिन टेम्पलटन सर्विसेज लि. के वकील ने पीठ के समक्ष कहा कि कंपनी एसबीआई म्यूचुअल फंड के साथ मामले में सहयोग करेगी।

इससे पहले, पीठ ने 25 जनवरी को कहा था कि वह छह म्यूचुअल फंड योजनाओं को बंद करने और यूनिटधारकों को उनके पैसे वितरित करने के लिये ई-वोटिंग प्रक्रिया को लेकर आपत्ति से संबंधित मुद्दों का पहले निपटान करेगा।

शीर्ष अदालत उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ फ्रैंकलिन टेम्पलटन की अपील पर सुनवाई कर रही है। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में निवेशकों की पूर्व मंजूरी के बिना ‘डेट फंड’ को बंद करने पर रोक लगा दी थी।

उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल तीन दिसंबर को फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड से छह म्यूचुअल फंड योजनाओं को बंद करने के बारे में यूनिटधारकों की मंजूरी लेने के लिये उनकी बैठक बुलाने को लेकर एक सप्ताह के भीतर कदम उठाने को कहा था।

कंपनी ने सात दिसंबर, 2020 को कहा था कि उसने यूनिटधारकों से निश्चित आय वाली छह योजनाओं को बंद करने की मंजूरी मांगी है।

फ्रैंकलिन टेम्पलटन की ये योजनाएं हैं…इंडिया लो ड्यूरेशन फंड, फ्रैंकलिन इंडिया अल्ट्रा शार्ट बांड फंड, फ्रैंकलिन इंडिया शार्ट टर्म इनकम प्लान, फ्रैंकलिन इंडिया क्रेडिट रिस्क फंड, फ्रैंकलिन इंडिया डायनैमिक एक्रूअल फंड और फ्रैंकलिन इंडिया इनकम आपुर्चिनिटीज फंड।

कंपनी ने भुगतान के दबाव और बांड बाजार में नकदी की कमी का हवाला देते हुए 23 अप्रैल को इन छह म्यूचुअल फंड योजनाओं को बंद करने की घोषणा की थी।

भाषा रमण मनोहर

मनोहर


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