उद्योग क्षेत्र को दिए जाने वाले ऋण में अप्रैल में 15.1 प्रतिशत की तेज वृद्धि: आरबीआई आंकड़े

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उद्योग क्षेत्र को दिए जाने वाले ऋण में अप्रैल में 15.1 प्रतिशत की तेज वृद्धि: आरबीआई आंकड़े

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  • Publish Date - May 29, 2026 / 08:22 PM IST,
    Updated On - May 29, 2026 / 08:22 PM IST

मुंबई, 29 मई (भाषा) उद्योग क्षेत्र को दिए जाने वाले बैंक ऋण की वृद्धि दर अप्रैल 2026 के अंत में बढ़कर 15.1 प्रतिशत रही। यह पिछले वर्ष की समान अवधि में सात प्रतिशत थी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली।

आरबीआई ने 41 चयनित बैंकों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर बताया कि ये बैंक कुल गैर-खाद्य बैंक ऋण का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं।

केंद्रीय बैंक के अनुसार, 30 अप्रैल 2026 को समाप्त पखवाड़े में गैर-खाद्य बैंक ऋण में सालाना आधार पर 15.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह वृद्धि 9.8 प्रतिशत थी।

कृषि और संबद्ध गतिविधियों को दिए गए ऋण में भी 13.7 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष 9.2 प्रतिशत थी।

उद्योग क्षेत्र के भीतर सूक्ष्म और लघु तथा बड़े उद्योगों को दिए गए ऋण में तेज वृद्धि देखी गई, जबकि मझोले उद्योगों में स्थिर वृद्धि दर्ज की गई।

प्रमुख उद्योगों में बुनियादी धातु और धातु उत्पाद, सभी प्रकार की इंजीनियरिंग, पेट्रोलियम, कोयला उत्पाद और परमाणु ईंधन तथा रसायन और रासायनिक उत्पादों को दिए गए ऋण में अधिक वृद्धि दर्ज की गई।

हालांकि विनिर्माण, वस्त्र तथा रबर, प्लास्टिक और उनके उत्पादों से जुड़े क्षेत्रों में ऋण वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी रही।

सेवा क्षेत्र को दिए गए ऋण में 18.6 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष 10.1 प्रतिशत थी। यह वृद्धि मुख्य रूप से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, वाणिज्यिक रियल एस्टेट, व्यापार और पेशेवर सेवाओं में मजबूत मांग के कारण रही।

व्यक्तिगत ऋण खंड में भी 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष यह 11.9 प्रतिशत थी। वाहन ऋण और आवास ऋण में मजबूत वृद्धि बनी रही, जबकि क्रेडिट कार्ड बकाया में नरमी देखी गई।

भाषा योगेश रमण

रमण