दिल्ली में वितरण कंपनियों को अप्रैल से उच्च बिजली खरीद लागत वसूलने की अनुमति

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दिल्ली में वितरण कंपनियों को अप्रैल से उच्च बिजली खरीद लागत वसूलने की अनुमति

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  • Publish Date - June 12, 2026 / 09:27 PM IST,
    Updated On - June 12, 2026 / 09:27 PM IST

नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) ने वैश्विक तनाव के कारण पैदा हुए ऊर्जा संकट और बिजली खरीद लागत में वृद्धि के मद्देनजर राजधानी की बिजली वितरण कंपनियों को उपभोक्ताओं से अधिक ईंधन एवं बिजली खरीद समायोजन अधिभार (एफपीपीएएस) वसूलने की अनुमति दे दी है।

अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि इस फैसले का असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा जो बिजली सब्सिडी योजना के दायरे में नहीं आते हैं। हालांकि पूर्ण या 50 प्रतिशत सब्सिडी प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा।

एफपीपीएएस बिजली उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले ईंधन और बिजली खरीद लागत में बदलाव के आधार पर लगाया जाने वाला अधिभार है। यह कुल ऊर्जा और स्थायी लागत के प्रतिशत के रूप में वसूला जाता है।

अधिकारियों के अनुसार, हाल के समय में कोयले के आयात और परिवहन लागत बढ़ने से कोयले की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल), बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल) और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीीडीडीएल) ने मई में डीईआरसी से एफपीपीएएस वसूली की 10 प्रतिशत की सीमा में ढील देने का अनुरोध किया था।

कंपनियों ने कहा था कि अप्रैल में उनकी वास्तविक बिजली खरीद लागत, 30 सितंबर 2021 के शुल्क आदेश में निर्धारित आधार लागत की तुलना में काफी बढ़ गई है।

डीईआरसी के आदेश के अनुसार अप्रैल के लिए एफपीपीएएस बीआरपीएल के मामले में 31.5 प्रतिशत, बीवाईपीएल के लिए 35.26 प्रतिशत और टाटा पावर डीडीएल के लिए 16 प्रतिशत रहा।

आयोग ने बिजली खरीद लागत में वृद्धि का उचित हिस्सा वसूलने में बिजली कंपनियों को हो रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए 10 प्रतिशत की सीमा में ढील देने का फैसला किया।

इसके तहत बीआरपीएल को अप्रैल के लिए अतिरिक्त 7.94 प्रतिशत और बीवाईपीएल को 7.43 प्रतिशत अतिरिक्त एफपीपीएएस वसूलने की अनुमति दी गई है। वहीं टीपीडीडीएल को पूरा 16 प्रतिशत एफपीपीएएस वसूलने की अनुमति दी गई है।

इस आदेश के बाद अप्रैल के लिए बीआरपीएल द्वारा वसूला जाने वाला कुल एफपीपीएएस बढ़कर 17.94 प्रतिशत और बीवाईपीएल के लिए 17.43 प्रतिशत हो गया है।

डीईआरसी ने स्पष्ट किया कि अगला आदेश जारी होने तक यह छूट मासिक आधार पर लागू रहेगी।

भाषा योगेश रमण

रमण