डीजीसीए कर रहा स्पाइसजेट के कामकाज, वित्तीय स्थिति की जांच: नागर विमानन मंत्री नायडू

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डीजीसीए कर रहा स्पाइसजेट के कामकाज, वित्तीय स्थिति की जांच: नागर विमानन मंत्री नायडू

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  • Publish Date - September 22, 2026 / 07:35 PM IST,
    Updated On - September 22, 2026 / 07:35 PM IST

नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट के कामकाज और वित्तीय स्थिति की जांच कर रहा है, ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।

नायडू ने यह भी स्पष्ट किया कि नागर विमानन मंत्रालय के पास निजी कंपनी के कामकाज में हस्तक्षेप करने की सीमित गुंजाइश है।

स्पाइसजेट को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण उड़ानों में लगातार देरी और अन्य परिचालन संबंधी समस्याएं सामने आ रही हैं।

ताजा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में स्पाइसजेट की घरेलू बाजार हिस्सेदारी घटकर 1.6 प्रतिशत रह गई, जो जून में 1.9 प्रतिशत थी।

राष्ट्रीय राजधानी में ‘उड़ान’ योजना के अगले चरण के लिए राज्यों के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर कार्यक्रम के दौरान नायडू ने अलग से बातचीत में स्पाइसजेट से जुड़े सवाल पर कहा, ‘‘स्पाइसजेट के संबंध में मंत्रालय की ओर से अभी डीजीसीए के माध्यम से परिचालन और कुछ हद तक वित्तीय स्थिति की भी जांच की जा रही है, क्योंकि हम सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की चूक नहीं चाहते हैं।’’

उन्होंने कहा कि मंत्रालय विमानन कंपनी के साथ लगातार संपर्क में है, लेकिन निजी तौर पर संचालित एयरलाइन के कामकाज में सरकार के हस्तक्षेप की कुछ सीमाएं हैं।

नायडू ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण मुश्किलों का सामना करने वाली विमानन कंपनियों की मदद के लिए सरकार ने आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) का विस्तार किया है।

उन्होंने कहा कि स्पाइसजेट को ईसीएलजीएस के तहत 150 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

नायडू ने कहा, ‘‘अभी हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो, परिचालन के लिहाज से सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता न किया जाए और विमानन कंपनी सुचारू रूप से परिचालन में बनी रहे।’’

सूत्रों के अनुसार, स्पाइसजेट गंभीर वित्तीय समस्याओं का सामना कर रही है और कर्मचारियों के वेतन भुगतान में भी देरी हुई है। मई से कई कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नहीं किया गया है।

इस साल फरवरी से स्पाइसजेट की घरेलू बाजार हिस्सेदारी में लगातार गिरावट आई है। उस समय कंपनी की घरेलू बाजार हिस्सेदारी 3.9 प्रतिशत थी।

इस बीच, तीन सितंबर को स्पाइसजेट ने कहा था कि उसने 20 विमानों को अपने बेड़े में शामिल करने के लिए तीन विमान संचालकों के साथ पट्टा समझौते को अंतिम रूप दे दिए हैं।

सर्दियों के उड़ान कार्यक्रम के दौरान परिचालन बढ़ाने के लिए इनमें 15 बोइंग और पांच एयरबस विमान शामिल हैं, जिन्हें पट्टा समझौतों के तहत लिया जाएगा।

भाषा रमण अजय

अजय