नयी दिल्ली, एक मई (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी के व्यापारियों ने शुक्रवार को आवासीय क्षेत्रों में जारी व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर ‘सीलिंग’ यानी तालाबंदी की आशंका जताई है।
यह आशंका दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के उस हाल के परिपत्र के बाद पैदा हुई है, जिसमें उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार ऐसी गतिविधियों का सर्वेक्षण करने का आदेश दिया गया है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री’ (सीटीआई) के नेतृत्व में व्यापारियों और उद्यमियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार से मुलाकात की। व्यापारियों ने नगर निगम से आग्रह किया कि ‘मास्टर प्लान 2041’ के लागू होने तक किसी भी प्रकार के सर्वेक्षण या तालाबंदी की कार्रवाई को स्थगित रखा जाए।
हालांकि, नवनिर्वाचित महापौर प्रवेश वाही ने बुधवार को कार्यभार संभालने के बाद घोषणा की थी कि निगम की शहर में तालाबंदी अभियान संचालित करने की कोई योजना नहीं है।
सीटीआई के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने कहा कि व्यापारियों ने आयुक्त को बताया कि आगामी ‘मास्टर प्लान 2041’ से दिल्ली भर में आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों के सीमांकन पर स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, ‘तब तक कोई सर्वेक्षण या तालाबंदी की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।’
करोल बाग, सदर बाजार और गांधी नगर सहित प्रमुख बाजारों के प्रतिनिधियों ने आयुक्त को बताया कि दिल्ली में कोई भी क्षेत्र पूरी तरह से आवासीय नहीं है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आवासीय क्षेत्रों में भी 24 श्रेणियों के तहत व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति है।
व्यापारियों ने मांग की कि भूमि उपयोग का वर्गीकरण अधिक स्पष्ट होना चाहिए ताकि भ्रम और व्यापारियों की परेशानी को दूर किया जा सके।
गोयल ने बताया कि आयुक्त ने यह आश्वासन दिया कि व्यापारियों को परेशान नहीं किया जाएगा।
भाषा सुमित सुभाष रमण
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