चेन्नई, एक मई (भाषा) भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने शुक्रवार को कहा कि आईपीएल मैच के दौरान राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग की ‘वेपिंग’ घटना को टाला जा सकता था।
उन्होंने युवा खिलाड़ियों से सार्वजनिक जगहों पर अपने व्यवहार के प्रति सचेत रहने की बात भी कही।
मौजूदा सत्र में खराब फॉर्म में चल रहे राजस्थान रॉयल्स के कप्तान पराग पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान कैमरे में ‘वेपिंग’ करते हुए पकड़े गए थे।
‘वेपिंग’ या किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का सेवन प्रतिबंधित है और बीसीसीआई ने असम के इस खिलाड़ी पर ‘खेल को बदनाम करने’ के लिए उसकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया है।
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह पूरी तरह से ऐसी स्थिति थी जिसे टाला जा सकता था। मैं चाहता हूं कि खिलाड़ी ऐसी चीजों में नहीं फंसें। मैं सच में किसी युवा खिलाड़ी के लिए ऐसा नहीं चाहता और यह थोड़ा संवेदनशील भी है। मुझे लगता है कि अगर हम कई चीज़ों को देखें तो इसे टाला जा सकता था। ’’
बतौर सीनियर क्रिकेटर सलाह देते हुए उन्होंने निजी पसंद को सार्वजनिक जगह से अलग रखने की बात की और कहा, ‘‘यह एक निजी पसंद होती है, लेकिन आपकी निजी पसंद आपकी निजी जगह में ही होनी चाहिए। अगर आप यह सब सार्वजनिक जगह पर करते हैं तो इसे बहुत आसानी से टाला जा सकता है। ’’
राजस्थान रॉयल्स के लिए खेल चुके अश्विन ने पराग को एक सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बस इतना ही कहूंगा, यह एक बड़े भाई के तौर पर मेरी छोटी सी सलाह है। मैं रियान पराग से कहना चाहता हूं कि आपकी निजी जिंदगी में जो कुछ भी होता है, उससे किसी को कोई लेना-देना नहीं है। उसके बारे में कोई कुछ नहीं कह सकता। लेकिन आप जो कुछ भी करते हैं, उसे अपनी निजी जगह में करें क्योंकि आप एक कप्तान हैं, आप एक फ्रेंचाइजी के नेतृत्वकर्ता हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘आप शायद कई क्रिकेटरों, कई युवाओं, कई युवा भारतीयों और दुनिया भर के युवाओं के लिए एक प्रेरणा हैं। इसलिए कुछ जिम्मेदारी भी बनती है। ’’
अश्विन हालांकि इस युवा क्रिकेटर के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा, ‘‘इस युवा बच्चे के लिए मेरे मन में गहरी सहानुभूति और हमदर्दी है, लेकिन साथ ही मेरा मानना है कि इन सभी चीजों को टाला जाना चाहिए और टाला जा सकता है। ’’
उन्होंने इस घटना से सीख लेने की संभावना पर जोर देते हुए कहा, ‘‘मैं यह नहीं कह रहा कि इन बातों को नजरअंदाज कर देना चाहिए क्योंकि अगर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो कोई भी इससे कुछ नहीं सीखेगा। लेकिन बेहतर यही है कि ऐसी चीजों से बचा जाए। ’’
भाषा नमिता
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